Bilaspur Cyber Fraud : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगों ने SECL के एक सेवानिवृत्त डिप्टी जनरल मैनेजर को अपना शिकार बनाया है। आरोपियों ने अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर बुजुर्ग से करीब 66 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। ठगी के शिकार 63 वर्षीय कुलदीप सिंह ठाकुर हुए हैं। घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इंस्टाग्राम के जरिए बुजुर्ग तक पहुंचा साइबर ठग
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से कुलदीप सिंह ठाकुर से संपर्क किया था। शुरुआत में आरोपी ने सामान्य बातचीत की और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीतने की कोशिश की। इसके बाद उसने खुद को एक फाइनेंस मैनेजर बताया और अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह दी। आरोपी ने दावा किया कि विदेशी शेयर बाजार में पैसा लगाने से कम समय में अच्छा रिटर्न हासिल किया जा सकता है। उसकी बातों और मुनाफे के दावों पर भरोसा करके बुजुर्ग निवेश करने के लिए तैयार हो गए।

मोटे मुनाफे का लालच देकर 66 लाख रुपये की ठगी
आरोपी ने कुलदीप सिंह ठाकुर को अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश के फायदे समझाते हुए अधिक कमाई का भरोसा दिलाया। इसी बहाने उनसे अलग-अलग किस्तों में पैसे जमा कराए गए। निवेश से अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद में पीड़ित लगातार रकम लगाते रहे। देखते ही देखते उनके कुल 66 लाख रुपये ठगों के पास पहुंच गए। हालांकि, निवेश के नाम पर रकम हासिल करने के बाद आरोपी ने क्या बहाना बनाया और पैसे वापस करने के संबंध में क्या बातचीत हुई, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सरकंडा थाना क्षेत्र के अशोक नगर का मामला
यह पूरा मामला बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत अशोक नगर का बताया जा रहा है। पीड़ित कुलदीप सिंह ठाकुर की उम्र 63 वर्ष है और वह साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) में डिप्टी जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद वह इस कथित निवेश धोखाधड़ी का शिकार हो गए। जब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ, तब उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना पुलिस ने BNS की धारा 318(4) में दर्ज किया केस
पीड़ित की शिकायत के आधार पर बिलासपुर साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। यह धारा धोखाधड़ी करके बेईमानी से संपत्ति या धन हासिल करने से संबंधित है। पुलिस अब आरोपी की इंस्टाग्राम आईडी, उसकी वास्तविक पहचान और संपर्क से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके अलावा, जिन बैंक खातों में 66 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, उनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

निवेश से पहले सावधानी बरतने की जरूरत
यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली साइबर धोखाधड़ी के खतरे को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर खुद को फाइनेंस एक्सपर्ट या निवेश सलाहकार बताने वाले अनजान लोगों पर आंख बंद करके भरोसा करना भारी पड़ सकता है। किसी भी विदेशी शेयर बाजार या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित संस्था और उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।


