Bilaspur Jewellery Loot
Bilaspur Jewellery Loot : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महालक्ष्मी ज्वेलर्स से हुई करोड़ों की ज्वेलरी लूट के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पता चला कि पकड़े गए आरोपियों को एक जमीन विवाद के चलते बीजेपी पार्षद बंधु मौर्य की हत्या के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, अपराधियों ने पहले पार्षद पर हमला किया था, लेकिन वे सुरक्षित बच निकले। इसके बाद ही गिरोह ने महालक्ष्मी ज्वेलर्स में बड़ी डकैती को अंजाम दिया। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से लाए गए चारों आरोपियों से पूछताछ में स्थानीय अपराधियों और राजनेताओं से जुड़े कनेक्शन सामने आए हैं।
इस पूरे अपराध की जड़ें बिलासपुर जेल से जुड़ी हैं। लूटकांड का मुख्य आरोपी विनोद उर्फ बिन्नु प्रजापति, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के अनूपपुर का रहने वाला है, गांजा तस्करी के मामले में जेल में बंद था। वहीं उसकी मुलाकात बिलासपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास से हुई। दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई और जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मिलकर बड़ी वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई। नारद ने ही स्थानीय संपर्कों का इस्तेमाल कर गिरोह को संसाधन और सूचनाएं उपलब्ध कराईं।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि टिकरापारा निवासी नारियल व्यापारी राजू सोनकर का बीजेपी पार्षद बंधु मौर्य से जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। पार्षद से छुटकारा पाने के लिए राजू ने नारद श्रीवास के जरिए 25 लाख रुपये में उनकी हत्या की सुपारी दी। इस काम के लिए 6 लाख रुपये एडवांस भी दिए गए थे। 18 दिसंबर की रात आरोपियों ने पार्षद की कार रोककर उन्हें गोली मारने की पूरी प्लानिंग कर ली थी, लेकिन बंधु मौर्य की सूझबूझ से उनकी जान बच गई। उन्होंने कार रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी, जिससे शूटर अपने मकसद में नाकाम रहे।
पार्षद की हत्या में विफल रहने के बाद गिरोह ने आर्थिक लाभ के लिए ‘निट्टी समोसा’ वाले के नाम से मशहूर लखन देवांगन को लूटने की कोशिश की। हालांकि, वहां भी आरोपी सफल नहीं हो सके और अपनी बाइक छोड़कर भागना पड़ा। बार-बार की विफलता के बाद आरोपियों ने 17 फरवरी 2026 को महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी को निशाना बनाया। आरोपियों ने दुकान से घर जा रहे संचालक की कार को टक्कर मारी और पिस्टल की नोक पर लगभग 2 किलो सोना और साढ़े तीन लाख रुपये कैश लूट लिए। इस लूट को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने कई दिनों तक सराफा कारोबारियों की रेकी की थी।
वारदात के बाद आरोपी उत्तर प्रदेश की ओर फरार हो गए थे। बिलासपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा में घेराबंदी की। इस दौरान आरोपियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें दो आरोपियों का शॉर्ट एनकाउंटर हुआ। पुलिस ने मौके से विजय लांबा, विनोद प्रजापति, करीम खान और मोनू को गिरफ्तार किया। इनके पास से लूटा गया शत-प्रतिशत सोना, नकदी और हथियार बरामद कर लिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर साजिश रचने वाले नारद श्रीवास और सुपारी देने वाले राजू सोनकर को भी पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश के पेशेवर अपराधी शामिल हैं। विजय लांबा (नई दिल्ली), करीम खान (बरेली), और मोनू उर्फ गुडवा (नोएडा) जैसे अंतर्राज्यीय शूटरों की मौजूदगी ने बिलासपुर पुलिस को भी सतर्क कर दिया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने शहर के अन्य ज्वेलर्स की भी सूची तैयार कर रखी थी। इस खुलासे के बाद बिलासपुर पुलिस अब शहर की सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने पर विचार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों को रोका जा सके।
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