Bilaspur LPG Crisis
Bilaspur LPG Crisis: न्यायधानी बिलासपुर में एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के बीच अब जिला प्रशासन ने कालाबाजारी और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पिछले 48 घंटों के भीतर शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर 200 से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर गैस रिफिलिंग के वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है, लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध कारोबार अब भी चुनौती बना हुआ है।
शहर की प्रमुख शारदा गैस एजेंसी में ताला लटकने से उपभोक्ताओं की चिंताएं चरम पर पहुँच गई हैं। एजेंसी प्रबंधन द्वारा स्टॉक खत्म होने और नई खेप न आने का हवाला दिया जा रहा है, जिससे सैकड़ों लोग खाली सिलेंडर लेकर यहाँ-वहाँ भटक रहे हैं। शहर के होटल और ढाबों में स्थिति लॉकडाउन जैसी होती जा रही है। कई जगहों पर छोटे ठेलों और गुमटियों ने नाश्ता बनाना बंद कर दिया है, क्योंकि व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह ठप है। इससे न केवल व्यापारियों का नुकसान हो रहा है, बल्कि आम जनता को भी बाहर के खाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
एक ओर राज्य सरकार और जिला प्रशासन लगातार यह दावा कर रहे हैं कि केवल कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है और घरेलू सिलेंडरों का कोटा सामान्य है, वहीं दूसरी ओर वितरण केंद्रों पर उमड़ती भीड़ कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। आधिकारिक तौर पर बुकिंग और डिलीवरी को नियमित बताया जा रहा है, लेकिन हकीकत में उपभोक्ता हफ्तों से अपने सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं। इस अनिश्चितता ने बाजार में डर का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे लोग भविष्य की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक संसाधनों की ओर भाग रहे हैं।
गैस चूल्हों के भरोसे बैठे परिवारों और व्यापारियों ने अब बिजली का सहारा लेना शुरू कर दिया है। बिलासपुर के इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में इंडक्शन चूल्हों की मांग में अचानक 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। व्यापारियों के अनुसार, पहले जहाँ दिन भर में बमुश्किल 2-3 इंडक्शन बिकते थे, अब यह आंकड़ा 15 के पार पहुँच गया है। खरीदने वालों में केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि फास्ट फूड वेंडर और रेस्टोरेंट संचालक भी शामिल हैं, जो अपने कारोबार को ठप होने से बचाना चाहते हैं।
जैसे-जैसे गैस का संकट गहरा रहा है, इंडक्शन चूल्हों और उनके बर्तनों की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। पिछले तीन दिनों में इंडक्शन की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। मांग इतनी अधिक है कि दुकानों पर स्टॉक कम पड़ने लगा है। इसके अलावा, जो लोग नया उपकरण नहीं खरीद पा रहे हैं, वे अपने पुराने और खराब पड़े इंडक्शन चूल्हों को ठीक कराने के लिए मैकेनिकों के पास पहुँच रहे हैं। रिपेयरिंग शॉप्स पर भी ग्राहकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
भले ही कुछ इलाकों में फिलहाल सिलेंडर उपलब्ध हैं, लेकिन ईरान-इजराइल तनाव और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए लोग ‘पैनिक मोड’ में हैं। उपभोक्ताओं का मानना है कि बिजली की उपलब्धता फिलहाल स्थिर है, इसलिए इंडक्शन चूल्हा एक सुरक्षित और सस्ता विकल्प साबित हो सकता है। शहरवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द ही आपूर्ति सुचारू नहीं करता है, तो आने वाले दिनों में ऊर्जा के अन्य स्रोतों जैसे कोयला और लकड़ी की कीमतों में भी भारी आग लग सकती है।
Sankalp Hospital Ambikapur : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई…
Mamata Banerjee Resignation : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों ने राज्य की…
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार, 5 मई 2026 को इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के दूसरे…
Bengal Violence Prevention : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद राज्य…
Cabinet Decisions 2026 : देश के कृषि परिदृश्य को आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्रीय…
Sabarimala Temple Case : सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर चल रहे ऐतिहासिक…
This website uses cookies.