Bilaspur Violence : बिलासपुर के खपरगंज इलाके में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद हुई हिंसक झड़प और पथराव के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना के बाद पुलिस ने अब तक दोनों पक्षों से कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों गुटों के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सीसीटीवी और सोशल मीडिया से आरोपियों की पहचान
पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और प्राप्त शिकायतों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी भी की जा रही है।
दोनों गुटों से 11 लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान गुट से मौला बक्स उर्फ जुब्बू, शेख अजहरुद्दीन उर्फ अज्जू, मोहम्मद जाहिद खान, सलीक अहमद उर्फ राजा खान, शकीर उर्फ सोनू, मोहम्मद लाइक, रेहान अली उर्फ ईरानी और मोहम्मद जुनैद शामिल हैं। वहीं ठाकुर राम गुट से राजू यादव उर्फ नान, राकेश यादव उर्फ रिक्कू और छत्रपाल साहू को गिरफ्तार किया गया है।
सोहेल खान पर पहले से दर्ज हैं 11 मामले
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सोहेल खान के खिलाफ पहले से 11 अपराध दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने समर्थकों और साथियों को मौके पर बुलाया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग कोतवाली थाने के आसपास पहुंच गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस बल को मौके पर भेजा गया और काफी मशक्कत के बाद हालात को नियंत्रित किया गया।
144 लागू, इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
हिंसा के बाद प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और लगातार गश्त की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की नई घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। लोगों से भी शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में नहीं आने की अपील की गई है।
भ्रामक पोस्ट और अफवाहों पर पुलिस की नजर
पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले पोस्ट और वीडियो पर भी नजर रख रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे संवेदनशील, आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री साझा न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक जानकारी पर विश्वास किया जाए। सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस पर भी हुआ था पथराव
पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान हालात इतने बिगड़ गए थे कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव किया गया। इस घटना में कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए। उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इसके बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण हासिल किया और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
घरों और दुकानों में तोड़फोड़ का आरोप
विवाद के दौरान उपद्रवियों ने कोतवाली थाने के अलावा आसपास स्थित कुछ घरों और दुकानों को भी निशाना बनाया। पथराव और तोड़फोड़ के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है।
धार्मिक टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात धार्मिक मुद्दे से जुड़ी कथित टिप्पणी और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चलने लगे। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई और सोशल मीडिया पर किस तरह की सामग्री प्रसारित की गई थी।
सोहेल खान और ठाकुर राम की भूमिका की जांच
एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह के मुताबिक, पूरे मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। पुलिस सोहेल खान और ठाकुर राम सिंह की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।
शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
पुलिस ने बिलासपुर के लोगों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अफवाह, भड़काऊ पोस्ट या आपत्तिजनक सामग्री को आगे प्रसारित न किया जाए। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की लगातार मौजूदगी बनी हुई है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करना और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
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