Rahul Gandhi vs BJP : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। संसद की कार्यवाही के साथ-साथ दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया। राहुल गांधी की शाम को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी मीडिया के सामने आकर उनके आरोपों का जवाब दिया। भाजपा ने राहुल गांधी पर सदन और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया।

संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखा भाजपा का पक्ष
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे दिन राजनीतिक बयानबाजी चलती रही, जिसके कारण पार्टी को देर शाम मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखना पड़ा। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों पर संसद के भीतर चर्चा होनी चाहिए थी, वे अब बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उठाए जा रहे हैं। पात्रा का कहना था कि यह स्थिति विपक्ष के रवैये की वजह से बनी है।

‘राहुल गांधी तथ्यों से लोगों को भ्रमित कर रहे हैं’
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यह भी दोहराया कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा से माफी नहीं मांगते। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी विभिन्न मामलों में अदालतों में माफी मांग चुके हैं। उन्होंने इसे राहुल गांधी की राजनीतिक शैली बताते हुए उन पर तथ्यों को बदलने का आरोप लगाया।
गोलीबारी के आरोप पर भाजपा का जवाब
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर छात्रों पर गोली चलने और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया था। संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि संबंधित घटना में गोलीबारी नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि गोली चलने के कोई ठोस साक्ष्य हैं, जैसे कारतूस, बैलिस्टिक रिपोर्ट या अन्य प्रमाण, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। भाजपा का कहना है कि बिना प्रमाण ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है।
एसडीएम की भूमिका को लेकर भाजपा की दलील
संबित पात्रा ने कहा कि किसी भी विरोध प्रदर्शन या भीड़ नियंत्रण की स्थिति में मौके पर मौजूद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, विशेष रूप से उप मंडल दंडाधिकारी (एसडीएम), परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, बल प्रयोग की आवश्यकता और अन्य प्रशासनिक निर्णय स्थानीय स्तर पर लिए जाते हैं। उनके अनुसार, दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन होने का अर्थ यह नहीं है कि हर मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री स्वयं घटनास्थल पर कार्रवाई के निर्देश देते हैं।
फोन पर बातचीत के दावे पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को पुलिस अधिकारियों से फोन पर बातचीत करते हुए देखा। संबित पात्रा ने पूछा कि राहुल गांधी ने यह दृश्य कहां और कैसे देखा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई दावा किया गया है, तो उसके समर्थन में स्पष्ट तथ्य और प्रमाण भी प्रस्तुत किए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संसद परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं और यदि कोई घटना हुई है तो उसकी पुष्टि तथ्यों के आधार पर की जानी चाहिए।
‘राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है कांग्रेस’
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन आंदोलनों का समाधान हो चुका है, उन्हें भी राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस उन आंदोलनों का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, जिनमें उसकी प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही। पात्रा ने कहा कि विपक्ष लगातार ऐसे मुद्दों को उठाकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा ने राहुल गांधी से मांगी माफी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा का मानना है कि यदि किसी सार्वजनिक मंच से बिना पर्याप्त प्रमाण के गंभीर आरोप लगाए जाते हैं, तो इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयानों पर माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में तथ्यों और जिम्मेदारी का पालन किया जाना चाहिए। वहीं पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और दोनों दल अपने-अपने पक्ष पर कायम हैं।











