BJP Leader JP Yadav
BJP Leader JP Yadav: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक नेता पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, बीजेपी नेता जय प्रकाश यादव (जेपी यादव) ने मंत्रियों और बड़े नेताओं से अपनी करीबी का झांसा देकर छह बेरोजगारों से कुल 16 लाख रुपये की उगाही की है। पीड़ितों का कहना है कि नेता ने खुद को पार्टी का प्रभावशाली चेहरा बताकर उन्हें विश्वास में लिया था। इस मामले के सामने आने के बाद दुर्ग की राजनीति में हड़कंप मच गया है, वहीं पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय की गुहार लगाई गई है।
बालोद जिले के ग्राम देवगहन निवासी मिथलेश कुमार साहू ने इस धोखाधड़ी की विस्तृत शिकायत एसपी को सौंपी है। मिथलेश ने बताया कि साल 2021 में जेपी यादव ने उनके बच्चों और रिश्तेदारों को एसआई, स्टाफ नर्स और कांस्टेबल जैसे पदों पर भर्ती कराने का वादा किया था। बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की चाह में मिथलेश ने अपनी पैतृक जमीन तक बेच दी और चार किस्तों में कुल 16 लाख रुपये नकद जय प्रकाश यादव को सौंप दिए। मिथलेश के अनुसार, वह पिछले कई सालों से नौकरी या पैसे वापसी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल झूठे आश्वासन ही मिले।
शिकायतकर्ता द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, जय प्रकाश यादव ने अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग राशि तय की थी। पीड़ित के भाई को एसआई (SI) बनवाने के नाम पर 4 लाख रुपये, बेटी को स्टाफ नर्स लगवाने के लिए 4 लाख रुपये और बहू की नौकरी के लिए 3 लाख रुपये लिए गए। इसके अतिरिक्त, दो बेटों के लिए 2-2 लाख रुपये और एक अन्य व्यक्ति से उसके बेटे को चपरासी (प्यून) के पद पर भर्ती कराने के लिए 2 लाख रुपये वसूले गए। ठगी का यह संगठित तरीका दर्शाता है कि कैसे सरकारी पदों का लालच देकर भोले-भाले ग्रामीणों को निशाना बनाया गया।
आरोपों को पुख्ता करने के लिए प्रार्थियों ने पुलिस को महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं। इसमें जेपी यादव के साथ हुए व्हाट्सएप मैसेज के स्क्रीनशॉट और फोन कॉल की वॉइस रिकॉर्डिंग्स शामिल हैं। इन सबूतों में कथित तौर पर नौकरी की चर्चा और लेनदेन के संदर्भ मौजूद हैं। पीड़ितों का कहना है कि जब भी वे अपने पैसे वापस मांगते हैं, जेपी यादव अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए बात को घुमा देते हैं या टालमटोल करते हैं। साक्ष्यों की मौजूदगी ने आरोपी नेता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पीड़ित मिथलेश कुमार साहू ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी स्थिति अब अत्यंत दयनीय हो गई है। जमीन बेचने और कर्ज लेने के कारण उन पर भारी आर्थिक बोझ आ गया है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, “इतनी बड़ी रकम फंस जाने के कारण हम पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। यदि हमारे पैसे वापस नहीं मिले तो हमारे पास आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।” यह बयान मामले की गंभीरता और पीड़ितों के मानसिक संताप को उजागर करता है।
इस पूरे प्रकरण पर जब आरोपी बीजेपी नेता जय प्रकाश यादव से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। जेपी यादव का कहना है कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं और उनके खिलाफ एक राजनीतिक साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस लेनदेन या नौकरी के मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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