Pratappur News : शासन द्वारा 14 अगस्त को एक आदेश जारी कर जनपद पंचायत प्रतापपुर में पदस्थ किए गए स्थाई सीईओ जयगोविंद गुप्ता को भ्रष्ट बता उन्हें हटाने की मांग को लेकर सोमवार को जनपद पंचायत अध्यक्ष सुखमनिया सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष मानती योगेंद्र सिंह, भाजपा के युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रम नामदेव, संदीप रजक, अंकुर पटेल, महिला मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मी गुप्ता, महामंत्री आभा शुक्ला व अन्य भाजपा पदाधिकारी अपनी ही सरकार के आदेश के खिलाफ धरने पर बैठ गए। जनपद कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और वहीं पर बैठकर भ्रष्ट सीईओ को तत्काल हटाओ के नारे लगाते रहे।

मौके पर पहुंची एसडीएम ललिता भगत, तहसीलदार चंद्रशिला जायसवाल व दलबल के साथ मौजूद एसडीओपी पुलिस अनुप कुमार एक्का, थाना प्रभारी अमित कौशिक धरना समाप्त करने की अपील करते रहे पर भाजपा पदाधिकारी, जनपद अध्यक्ष व नगर अध्यक्ष सीईओ को तत्काल हटाने का आदेश जारी करने की मांग पर अड़े रहे। धरनारत लोग सीईओ को हटाने के संबंध में कलेक्टर से ठोस आश्वासन दिलाने की मांग कर रहे थे।

इसी बीच एसडीएम ने जनपद अध्यक्ष सुखमनिया सिंह की कलेक्टर से फोन पर बात कराई। कलेक्टर ने कहा कि आप लोग अपनी मांग को लिखित में दें। आपकी मांग को शासन तक पहुंचा दिया जाएगा। जिसके बाद धरनारतों ने सीईओ को हटाने की मांग को लेकर एसडीएम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप करीब तीन घंटे तक चले धरना प्रदर्शन को समाप्त कर दिया। ज्ञापन में नव पदस्थ सीईओ जयगोविंद गुप्ता को तत्काल हटाकर स्थानांतरित हो चुके सीईओ नृपेन्द्र सिंह को फिर से पदस्थ करने मांग की गई है। मांग पूरी न होने पर फिर से धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है।
बता दें कि इससे पूर्व भी 18 जून 2025 को शासन ने प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह को हटाकर स्थाई सीईओ जयगोविंद गुप्ता को प्रतापपुर जनपद में पदस्थ करने का आदेश जारी किया था। पर आदेश का पालन नहीं किया जा रहा था। आदेश का पालन कराने को लेकर सरपंच संघ ने जिला पंचायत सीईओ को दो बार ज्ञापन सौंपा था। साथ ही बीच बीच में जनपद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी कर रहे थे। आख़िरकार सरपंच संघ के लगातार विरोध को देखते हुए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने फिर से दूसरी बार 14 अगस्त को एक नया आदेश जारी कर प्रतापपुर जनपद में सीईओ जयगोविंद गुप्ता को ही फिर से पदस्थ करने का आदेश जारी कर दिया तथा प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह को प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण शाखा जिला पंचायत सूरजपुर में संलग्न कर दिया।
इधर दूसरी बार जारी इस आदेश का तत्काल पालन हुआ और 14 अगस्त को ही सीईओ गुप्ता ने अपना प्रभार ग्रहण कर कार्य शुरू कर दिया। पर इसी बीच अपनी ही सरकार द्वारा भेजे गए सीईओ जयगोविंद गुप्ता को भ्रष्ट बताकर हटाने की मांग करते हुए भाजपा पदाधिकारी व भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधि जनपद कार्यालय मुख्य द्वार पर बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगे। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने भाजपा सरकार की जीरो टालरेंस (शुन्य भ्रष्टाचार) की नीति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि सीईओ जयगोविंद गुप्ता पर भ्रष्टाचार का आरोप साबित हो चुका है तो उन्हें निलंबित कर जेल क्यों नहीं भेजा गया। क्यों उन्हें जनपद पंचायत प्रतापपुर का सीईओ बनाया गया है।
दोनों सीईओ पर हैं भ्रष्टाचार के आरोप
बता दें कि जनपद पंचायत प्रतापपुर से स्थानांतरित हो चुके प्रभारी सीईओ जिनका की मूल पद अतिरिक्त उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं सूरजपुर है उनके ऊपर जनपद पंचायत ओड़गी में अपने कार्यकाल के दौरान लोकसभा निर्वाचन 2024 में होने वाले जरूरी खर्चों के लिए चुनाव आयोग द्वारा आवंटित छह लाख 17 हजार पांच सौ रुपए का बिना कोई खर्च किए गबन करने का आरोप लगा था।
आरोप की पुष्टि जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर सूरजपुर द्वारा तीन जनवरी 2025 को जारी एक पत्र से हुई थी। जिसमें बताया गया था कि प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह के खिलाफ चुनावी राशि गबन करने के आरोप की जांच पांच सदस्यीय टीम ने की थी। जिसमें गबन करने की पुष्टि हुई है। इस संबंध में सरगुजा संभागायुक्त से भी शिकायत की गई थी। जिसके बाद संभागायुक्त ने 21 मई 2025 को कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को एक पत्र जारी किया था। पत्र में शिकायत की जांच कर 15 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया था।
इसके अलावा प्रतापपुर जनपद के कार्यकाल के दौरान प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह के विरुद्ध सचिव की नियुक्ति को लेकर भी मदननगर के सरपंच दस हजार की रिश्वत लेने का आरोप लगा चुके हैं। वहीं जनपद पंचायत प्रतापपुर के नव पदस्थ सीईओ जयगोविंद गुप्ता के ऊपर भी उनके जनपद पंचायत मैनपाट के कार्यकाल के दौरान पीएम आवास योजना में लाखों रुपए की बंदरबांट करने के आरोप हैं। उक्त मामले में उनके ऊपर कमलेश्वरपुर थाने में धारा 420 के तहत अपराध भी दर्ज है। इसी को लेकर भाजपा पदाधिकारी व भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों का कहना था कि जिस सीईओ के ऊपर पीएम आवास घोटाले को लेकर अपराध तक दर्ज हो चुका है उस सीईओ को प्रतापपुर जनपद का प्रभार देना किसी भी तरह से उचित नहीं है। ऐसे भ्रष्ट सीईओ को यहां पदस्थ करने का आदेश तत्काल निरस्त होना चाहिए।

धरना प्रदर्शन को लेकर सरपंच संघ ने जताई नाराजगी
इधर सरपंच संघ ने जनपद परिसर में बने सरपंच सदन में एक बैठक कर जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर किए गए धरना प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताते हुए इसकी निंदा की है। सरपंच संघ ने कहा कि वे तत्कालीन प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह एक पशु चिकित्सा अधिकारी हैं उन्हें पंचायतों में होने वाले कार्यों की तकनीकी जानकारी नहीं है। साथ ही वे पंचायत प्रतिनिधियों को मानसिक व आर्थिक रूप से भी परेशान कर रहे थे। उन्होंने पंचायती राज अधिनियम के विपरित कार्य करते हुए अपनी अनुमति के बगैर पंचायतों के पंद्रहवें वित्त के खातों से राशि निकालने पर भी रोक लगवा रखी थी। जिसके कारण पंचायतों में होने वाले विकास कार्य ठप पड़ गए थे। उनकी इसी असहज कार्यप्रणाली के विरुद्ध सरपंच संघ लामबंद होकर उन्हें हटाए जाने की मांग लगातार कर रहा था।
जिसके बाद शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने 14 अगस्त को एक आदेश जारी कर उन्हें हटा दिया। सरपंच संघ ने कहा कि वे जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश का स्वागत करते हैं तथा नव पदस्थ सीईओ जयगोविंद गुप्ता से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। बावजूद इसके भाजपा के पदाधिकारी व कुछ जनप्रतिनिधि अनावश्यक रूप से मामले को तुल देते हुए पंचायतों के कार्य में बाधा उत्पन्न करने का कार्य कर रहे हैं। जिसकी सरपंच संघ कड़े शब्दों में निंदा करता है। सरपंच संघ ने भी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि यहां प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह को फिर से पदस्थ किया जाता है तो सरपंच संघ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।
तीन घंटे तक जनपद के कर्मचारी खड़े रहे बाहर
जनपद कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ कर किए जा रहे धरना प्रदर्शन के कारण जनपद पंचायत कार्यालय में रोज की भांति कार्य करने पहुंचे कर्मचारी लगभग तीन घंटे तक जनपद परिसर में खड़े रहकर धरना प्रदर्शन के खत्म होने का इंतजार करते रहे। कुल मिलाकर धरना प्रदर्शन की वजह से जनपद कार्यालय में होने वाले पीएम आवास सहित अन्य जरूरी कार्य तीन घंटे तक बाधित रहे।
जनदर्शन का आयोजन भी हुआ प्रभावित
बता दें कि जनपद पंचायत कार्यालय में शासन के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार को प्रतापपुर एसडीएम द्वारा जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसमें क्षेत्रीय लोगों की विभिन्न समस्याओं व मांगों से संबंधित आवेदन लेते हुए उन पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। इसी क्रम में इस सोमवार को भी जनदर्शन का आयोजन करने एसडीएम व तहसीलदार राजस्व अमले के साथ जनपद कार्यालय पहुंचे थे पर धरना प्रदर्शन के कारण जनदर्शन का कार्यक्रम भी तीन घंटे तक बाधित रहा। इस दौरान जनदर्शन कार्यक्रम में आसपास व दूरदराज के कई ग्रामीण अपनी समस्याओं व मांगों के निराकरण हेतु आवेदन देने पहुंचे थे जो स्थिति को देखते हुए बिना आवेदन दिए ही मायूस होकर वापस लौट गए।











