Sonia Gandhi citizenship issue : आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय राजनीति में मतदाता सूची को लेकर संग्राम छिड़ गया है। एक ओर जहां विपक्षी दल बीजेपी और चुनाव आयोग पर चुनावी धांधली के आरोप लगा रहे हैं, वहीं बीजेपी ने कांग्रेस पर 45 साल पुराना मामला उठाकर करारा पलटवार किया है। बुधवार, 13 अगस्त 2025 को बीजेपी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर 1980 में भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने का आरोप दोहराया।

अमित मालवीय का आरोप
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने 1980 की मतदाता सूची का अंश X (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए इसे “घोर चुनावी कदाचार” बताया। उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी, जिनका जन्म 1946 में इटली में हुआ था और जिनकी शादी 1968 में राजीव गांधी से हुई, भारतीय नागरिक बने बिना ही 1980 की दिल्ली मतदाता सूची में शामिल हो गई थीं। मालवीय के अनुसार, यह भारतीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन था क्योंकि मतदाता सूची में शामिल होने के लिए भारतीय नागरिकता अनिवार्य है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि 1980 से 1982 के बीच सोनिया गांधी का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल था, जबकि उन्हें 1983 में ही भारतीय नागरिकता प्राप्त हुई थी। बीजेपी नेताओं ने यह भी दावा किया कि नागरिकता मिलने के बाद भी नियमों की अनदेखी कर उनका नाम समयसीमा के बाहर मतदाता सूची में जोड़ा गया।
विपक्ष ने BJP और चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी तरफ विपक्षी दलों का आरोप है कि बीजेपी चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी कर रही है। कांग्रेस ने कर्नाटक के महादेवपुरा क्षेत्र में एक ही कमरे से 80 वोटों समेत 1.02 लाख फर्जी वोट दर्ज किए जाने का आरोप लगाया है। महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में हार के बाद मतदाता सूची में अचानक एक करोड़ नए नाम जोड़े जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। बिहार में विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान विपक्षी वोटरों को सूची से हटाने की साजिश का भी आरोप है, जिसका मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी प्रक्रिया को “पारदर्शी और निष्पक्ष” बताया है। आयोग ने राहुल गांधी को चुनौती दी है कि वे अपने आरोपों को शपथपत्र में दर्ज कर कोर्ट में सबूत के साथ पेश करें। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपनी हार पहले से ही तय दिख रही है, इसलिए वह बहाने ढूंढ रही है।
सियासी संघर्ष जारी
बीजेपी और विपक्ष के बीच मतदाता सूची को लेकर जारी यह सियासी संघर्ष चुनाव से पहले मतदाताओं के लिए बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। जहां बीजेपी कांग्रेस के अतीत पर सवाल उठा रही है, वहीं विपक्ष वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। अब देखना यह होगा कि सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई क्या रुख लेती है और जनता किसके दावों पर भरोसा करती है।










