BJP Welcome Nnuns: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गईं केरल की दो नन को शनिवार को बेल मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। ननों की गिरफ्तारी दुर्ग रेलवे स्टेशन से बजरंग दल की शिकायत पर हुई थी। मामले में एक आदिवासी युवक को भी गिरफ्तार किया गया था। अब बिलासपुर स्थित एनआईए कोर्ट ने तीनों को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है।

बीजेपी और वाम नेताओं ने किया ननों का स्वागत
जेल से रिहा होने के बाद दोनों ननों का जोरदार स्वागत किया गया। एएनआई द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि ननों की रिहाई के मौके पर केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और भाकपा (CPI) सांसद पी. संतोष कुमार समेत कई नेता मौजूद थे। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का विषय बन गया।

बजरंग दल की शिकायत पर हुई थी गिरफ्तारी
मामले की शुरुआत तब हुई जब दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोनों ननों और एक युवक पर धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। घटना ने राज्य की राजनीति में धर्मांतरण और आदिवासी मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया। बिलासपुर की एनआईए कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को 50-50 हजार रुपये का बॉन्ड जमा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अदालत ने सभी के पासपोर्ट भी जमा कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि जांच पूरी होने तक तीनों आरोपी देश छोड़कर नहीं जा सकते।
विपक्ष ने उठाए बीजेपी पर सवाल, बना सियासी मुद्दा
दोनों ननों की गिरफ्तारी और फिर बीजेपी अध्यक्ष द्वारा स्वागत किए जाने पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गर्मा गई है। विपक्षी दलों ने बीजेपी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक तरफ बीजेपी धर्मांतरण के खिलाफ अभियान चलाती है और दूसरी तरफ आरोपितों का समर्थन करती है। इस घटनाक्रम ने राज्य में धर्म और राजनीति के गठजोड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धर्मांतरण केस में केरल की दो ननों की गिरफ्तारी और फिर बेल पर रिहाई के बाद बीजेपी और वामपंथी नेताओं का साझा स्वागत राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। यह मामला छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की बहस को फिर से हवा दे रहा है और आने वाले समय में यह राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।











