Bolsonaro sentence reduction bill
Bolsonaro sentence reduction bill: ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो की 27 साल की जेल की सजा को लेकर वहां की राजनीति में एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है। ब्राजील की सीनेट ने एक ऐसा विवादास्पद विधेयक पारित किया है जो तख्तापलट की कोशिश के आरोपों में जेल में बंद बोलसोनारो की सजा को काफी हद तक कम कर सकता है। जहाँ एक ओर बोलसोनारो के समर्थकों ने इसे न्याय की ओर बढ़ता कदम बताया है, वहीं मौजूदा राष्ट्रपति लुला डी-सिल्वा की सरकार ने इसे लोकतंत्र पर प्रहार करार दिया है।
ब्राजील की सीनेट ने उस विधेयक को मंजूरी दे दी है जिसे हाल ही में ‘चैंबर ऑफ डेप्यूटीज’ ने पास किया था। यह बिल उन लोगों को बड़ी राहत देने का प्रस्ताव करता है जिन्हें 8 जनवरी 2023 को ब्रासीलिया में हुई हिंसा और तख्तापलट की कोशिश के लिए सजा सुनाई गई है। यदि यह कानून लागू होता है, तो जेयर बोलसोनारो को मिली 27 साल की कठोर सजा में भारी कटौती हो सकती है। अब यह बिल अंतिम निर्णय के लिए राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डी-सिल्वा की मेज पर है, जहाँ इसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
लुला सरकार के संस्थागत संबंध मंत्री ग्लेइसी हॉफमैन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति इस बिल को वीटो (अस्वीकार) कर देंगे। हॉफमैन ने सोशल मीडिया पर इस कदम की आलोचना करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अपमान बताया। उन्होंने तर्क दिया कि लोकतंत्र की जड़ों पर हमला करने वालों को उनके अपराधों की पूरी सजा मिलनी चाहिए। इस बिल को जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी जा सकती है, जिससे ब्राजील की न्यायपालिका और विधायिका के बीच संवैधानिक संकट गहराने की संभावना है।
मौजूदा ब्राजीलियाई कानून के अनुसार, बोलसोनारो को कम प्रतिबंधात्मक (उदार) जेल व्यवस्था में जाने के लिए कम से कम 7 साल की सजा काटनी होगी। हालांकि, नए बिल के लागू होने के बाद यह अवधि घटकर मात्र दो साल से कुछ अधिक रह सकती है। बोलसोनारो के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी कि 27 साल की सजा बहुत अधिक है। उनका तर्क है कि तख्तापलट और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की घटनाएं एक ही समय पर हुई थीं, इसलिए उनकी सजाओं को अलग-अलग जोड़कर लंबा नहीं किया जाना चाहिए।
इस प्रस्तावित कानून की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ‘भीड़ में किए गए अपराधों’ के लिए सजा में दो-तिहाई तक की कटौती की अनुमति देता है। यह उन दोषियों के लिए वरदान साबित हो सकता है जिन्होंने सरकारी इमारतों पर धावा बोला था। बिल के प्रावधानों के अनुसार, जिन लोगों ने हिंसा का नेतृत्व नहीं किया या उसका वित्तपोषण नहीं किया, उन्हें सजा में एक-तिहाई से दो-तिहाई तक की छूट मिल सकती है। यह प्रावधान सीधे तौर पर 8 जनवरी के दंगाइयों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाया गया लगता है।
जेयर बोलसोनारो के बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोलसोनारो ने इस बिल की सराहना करते हुए इसे लोकतंत्र की बहाली की ओर “पहला कदम” बताया है। फ्लावियो को 2026 के राष्ट्रपति चुनाव में लुला के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, इस बिल के खिलाफ ब्राजील की सड़कों पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। साओ पाउलो और राजधानी ब्रासीलिया समेत कई बड़े शहरों में हजारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह बिल उन लोगों को माफी देने जैसा है जिन्होंने देश के संवैधानिक ढांचे को नष्ट करने की कोशिश की थी।
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