Sourav Ganguly
Sourav Ganguly: दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी के हालिया कोलकाता दौरे ने जहां खेल प्रेमियों को उत्साहित किया, वहीं अब यह दौरा एक बड़े कानूनी विवाद में तब्दील हो गया है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली ने अर्जेंटीना फैन क्लब के अध्यक्ष उत्तम साहा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साहा द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयानों के विरोध में गांगुली ने कोलकाता के लालबाजार स्थित क्राइम ब्रांच में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।
लियोनल मेसी 13 दिसंबर को अपने तीन दिवसीय भारत दौरे के पहले चरण में कोलकाता पहुंचे थे। सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मेसी की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों का हुजूम उमड़ पड़ा था। हालांकि, सुरक्षा कारणों या किसी अन्य तकनीकी वजह से मेसी तय समय से काफी पहले ही स्टेडियम से बाहर निकल गए। मेसी के इस तरह अचानक चले जाने से हजारों प्रशंसक आक्रोशित हो गए और पूरे स्टेडियम परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। इसी कार्यक्रम में सौरव गांगुली भी एक सम्मानित अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे।
इवेंट में हुई अव्यवस्था के बाद अर्जेंटीना फैन क्लब के अध्यक्ष उत्तम साहा ने सौरव गांगुली के खिलाफ तीखे और विवादित बयान दिए थे। साहा ने इस पूरी गड़बड़ी के लिए अप्रत्यक्ष रूप से गांगुली को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की और उनके खिलाफ कई अपमानजनक टिप्पणियां कीं। इन बयानों से आहत होकर गांगुली ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह उस कार्यक्रम में केवल एक ‘अतिथि’ के रूप में मौजूद थे और आयोजन की व्यवस्था या मेसी के कार्यक्रम के प्रबंधन से उनका कोई लेना-देना नहीं था।
सौरव गांगुली ने उत्तम साहा के खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। गांगुली का आरोप है कि साहा ने जानबूझकर उनके सार्वजनिक किरदार को धूमिल करने और उनकी वर्षों की मेहनत से बनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए झूठे आरोप लगाए हैं। गांगुली ने कहा कि इस तरह की अपमानजनक बयानबाजी ने न केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुँचाई है, बल्कि समाज में उनकी छवि को भी गलत तरीके से पेश किया है। उन्होंने साहा को कानूनी नोटिस भेजने के साथ-साथ पुलिस में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है।
कोलकाता पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। गांगुली के वकीलों का कहना है कि उत्तम साहा ने बिना किसी ठोस सबूत के एक वैश्विक खेल आइकन पर कीचड़ उछालने का प्रयास किया है। दूसरी ओर, मेसी के प्रशंसकों की नाराजगी और इवेंट के आयोजकों की विफलताओं के बीच अब गांगुली का यह कानूनी कदम चर्चा का विषय बना हुआ है। खेल जगत के जानकारों का मानना है कि इस मुकदमे से यह संदेश जाएगा कि किसी भी सार्वजनिक हस्ती की प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ करना भारी पड़ सकता है।
मेसी का कोलकाता दौरा, जिसे एक उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए था, अब विवादों और कानूनी दांव-पेंचों में फंस गया है। सॉल्ट लेक स्टेडियम की उस शाम की घटनाओं ने आयोजकों की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन गांगुली ने साफ कर दिया है कि दूसरों की गलतियों का खामियाजा वे अपनी प्रतिष्ठा देकर नहीं भुगतेंगे। अब सभी की निगाहें अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं कि क्या उत्तम साहा को अपने बयानों के लिए माफी मांगनी होगी या यह कानूनी जंग और लंबी खिंचेगी।
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