BTech Admission : छत्तीसगढ़ में बीटेक प्रवेश 2026 की काउंसिलिंग के शुरुआती दो चरणों ने इंजीनियरिंग शिक्षा को लेकर छात्रों की बदलती प्राथमिकताओं की तस्वीर साफ कर दी है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CGIT), रायपुर राज्य के सबसे पसंदीदा इंजीनियरिंग संस्थानों में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। प्रवेश प्रक्रिया के आंकड़ों के अनुसार राज्य की मेरिट सूची में शामिल टॉप-100 अभ्यर्थियों में से 47 विद्यार्थियों को CGIT रायपुर में सीट आवंटित हुई है। इतना ही नहीं, टॉप-10 रैंक प्राप्त करने वाले छात्रों में से सात ने इसी संस्थान को अपनी पहली पसंद के रूप में चुना। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्लेसमेंट और आधुनिक सुविधाओं के कारण छात्रों का विश्वास इस संस्थान पर लगातार बढ़ रहा है।

पहले और दूसरे राउंड में दिखा स्पष्ट रुझान
बीटेक प्रवेश के पहले और दूसरे चरण की काउंसिलिंग के आंकड़े बताते हैं कि इस बार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का झुकाव सबसे अधिक CGIT रायपुर की ओर रहा। जहां पहले टॉप रैंक वाले छात्र अलग-अलग संस्थानों का चयन करते थे, वहीं इस बार अधिकांश मेधावी विद्यार्थियों ने CGIT को प्राथमिकता दी। विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थान की अकादमिक गुणवत्ता, उद्योगों से जुड़ाव और आधुनिक प्रयोगशालाओं ने इसे छात्रों के लिए आकर्षक विकल्प बना दिया है। यही कारण है कि राज्य के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों की तुलना में यहां प्रवेश की मांग सबसे अधिक देखने को मिली।

354 सीटों में अधिकांश भर चुकीं, अब बचीं केवल 20 सीटें
कॉलेज प्रशासन के अनुसार संस्थान में कुल 354 सीटें उपलब्ध हैं। पहले चरण की काउंसिलिंग समाप्त होने के बाद 85 सीटें खाली थीं, लेकिन दूसरे चरण के बाद यह संख्या घटकर केवल 20 रह गई। इससे स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने CGIT रायपुर को प्राथमिकता दी। अब शेष सीटों पर प्रवेश संस्था स्तर की काउंसिलिंग के माध्यम से किया जाएगा। कॉलेज प्रशासन जल्द ही इस प्रक्रिया की तिथि और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर मिल सके।
कंप्यूटर साइंस शाखा सबसे पहले हुई फुल
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एम.आर. खान ने बताया कि पहले ही राउंड में अधिकांश सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित हो गया था। सबसे पहले कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) शाखा की सीटें भर गईं। ओपन कैटेगरी में CSE की सीटें 13वीं रैंक तक बंद हो गईं, जबकि कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (डेटा साइंस) की सीटें 37वीं रैंक तक आवंटित हो गईं। इससे यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों की पहली पसंद अब भी कंप्यूटर साइंस बनी हुई है।
कोर इंजीनियरिंग शाखाओं की लोकप्रियता भी बढ़ी
इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि केवल कंप्यूटर साइंस ही नहीं, बल्कि पारंपरिक इंजीनियरिंग शाखाओं में भी टॉप रैंकर्स ने रुचि दिखाई। सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन (E&TC), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसी शाखाओं में भी उच्च रैंक वाले विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में बढ़ते रोजगार अवसरों के कारण छात्रों की करियर प्राथमिकताएं बदल रही हैं।

इन शाखाओं की क्लोजिंग रैंक रही खास
दूसरे चरण की काउंसिलिंग के बाद विभिन्न शाखाओं की क्लोजिंग रैंक भी सामने आई है। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (ओपन) की सीटें 13वीं रैंक तक, CSE (डेटा साइंस) 37वीं रैंक तक, सिविल इंजीनियरिंग 87वीं रैंक तक, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 180वीं रैंक तक, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन (E&TC) 165वीं रैंक तक तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग 275वीं रैंक तक आवंटित हो चुकी हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस बार छात्रों ने विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में संतुलित रुचि दिखाई है।
अब संस्था स्तर की काउंसिलिंग पर रहेगी नजर
दूसरे चरण के बाद बची हुई 20 सीटों पर अब संस्था स्तर की काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि योग्य उम्मीदवारों के लिए जल्द ही विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि वर्ष 2026 में CGIT रायपुर ने राज्य के इंजीनियरिंग शिक्षा परिदृश्य में किस तरह अपनी मजबूत पहचान बनाई है। बदलते रुझानों से यह भी संकेत मिलता है कि छात्र अब केवल प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि बेहतर प्लेसमेंट, आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और भविष्य के करियर अवसरों को ध्यान में रखकर संस्थान का चयन कर रहे हैं।
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