Virar building collapse : गणेश उत्सव की रौनक के बीच मुंबई से सटे विरार इलाके से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। विरार ईस्ट के रमाबाई अपार्टमेंट की चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा बुधवार देर रात अचानक ढह गया। हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से 20 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है।

हादसे की जानकारी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना रात करीब 12 बजे की है जब रमाबाई अपार्टमेंट के एक ब्लॉक का हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर गया। यह इमारत दो ब्लॉकों में बंटी हुई थी, जिनमें से एक ब्लॉक पूरी तरह प्रभावित हुआ है। हादसे के वक्त चौथी मंजिल पर एक छोटी बच्ची का जन्मदिन समारोह चल रहा था, जिसमें कई लोग मौजूद थे। इसी वजह से मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

बचाव कार्य में जुटी टीमें
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, अग्निशमन विभाग और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने के लिए क्रेन और जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
चश्मदीदों ने क्या बताया?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इमारत की हालत पहले से ही जर्जर थी। कई बार शिकायतें भी की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। चश्मदीदों का कहना है कि हादसे के समय एक तेज़ आवाज़ आई और इमारत का हिस्सा एकदम नीचे आ गिरा। लोग जब तक कुछ समझ पाते, सब कुछ मलबे में तब्दील हो चुका था।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पालघर जिला प्रशासन ने राहत कार्यों की निगरानी शुरू कर दी है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि मृतकों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि जांच कमेटी गठित कर मामले की तहकीकात की जाएगी।
सवालों के घेरे में बिल्डिंग सेफ्टी
यह हादसा एक बार फिर मुंबई और आसपास के इलाकों में बिल्डिंग सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। खासतौर पर मॉनसून सीज़न में इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं। शहर में कई जर्जर इमारतें हैं जिन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
विरार का यह हादसा एक बड़ा चेतावनी संकेत है। जहां एक ओर गणेश उत्सव की खुशियां हर तरफ बिखरी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन और स्थानीय निकायों को चाहिए कि वे तुरंत प्रभाव से जर्जर इमारतों की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।










