Canada News : कनाडा से सामने आई एक बड़ी खबर ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। पंजाब पुलिस के लिए वांटेड बताए जा रहे गैंगस्टर अमृतपाल सिंह बाठ को कनाडा में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह कनाडा के सरी शहर में हरप्रीत सिंह की कथित फर्जी पहचान के सहारे रह रहा था। अमृतपाल बाठ मूल रूप से पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला है। उस पर विदेश में रहते हुए अपने आपराधिक सिंडिकेट को संचालित करने के आरोप हैं।
हत्या और जबरन वसूली समेत कई गंभीर मामले
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमृतपाल बाठ के खिलाफ पंजाब में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के साथ हत्या, हत्या की साजिश और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े करीब डेढ़ दर्जन मामले दर्ज हैं। हालांकि, इन मामलों में आरोपों और कानूनी स्थिति की पुष्टि संबंधित पुलिस या अदालत के आधिकारिक रिकॉर्ड से की जानी चाहिए। उसकी गिरफ्तारी को पंजाब में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क और विदेश से संचालित गतिविधियों की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
अमृत बाठ के पास से दो पासपोर्ट मिलने की जानकारी
रिपोर्टों के मुताबिक, कनाडा के वैंकूवर क्षेत्र में अमृतपाल बाठ के पास से दो पासपोर्ट बरामद होने की बात सामने आई है। बताया गया है कि दोनों पासपोर्ट यूरोपीय देशों से संबंधित हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि कनाडा में मौजूद उसके किसी करीबी ने पुलिस को उसके बारे में सूचना दी थी। सरी पुलिस सर्विस के अनुसार, बाठ को आगे की कार्रवाई के लिए कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी के हवाले किया जाएगा। उसकी पहचान और दस्तावेजों से जुड़े पहलुओं की जांच आगे की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकती है।
पत्नी कंचनप्रीत कौर का अकाली दल से राजनीतिक संबंध
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अमृतपाल बाठ के कथित राजनीतिक कनेक्शन को लेकर हो रही है। उसकी पत्नी कंचनप्रीत कौर पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें शिरोमणि अकाली दल की तरनतारन हलका इंचार्ज बताया गया है। इसी वजह से बाठ की गिरफ्तारी की खबर का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति के राजनीतिक संबंध अपने आप में उसके खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों की पुष्टि नहीं करते।
सास लड़ चुकी हैं तरनतारन विधानसभा उपचुनाव
जानकारी के मुताबिक, कंचनप्रीत कौर की मां सुखविंदर कौर रंधावा ने तरनतारन विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ा था। शिरोमणि अकाली दल ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह चुनाव हार गई थीं। उस चुनाव के दौरान भी कनाडा में रहने वाले अमृतपाल बाठ पर विरोधियों को वोट देने से रोकने या धमकाने से जुड़ा मामला दर्ज होने की बात कही गई थी। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति आधिकारिक रिकॉर्ड से स्पष्ट होना जरूरी है।
2027 चुनाव से पहले कंचनप्रीत के नाम पर चर्चा
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कंचनप्रीत कौर की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि अकाली दल उन्हें तरनतारन सीट से उम्मीदवार बना सकता है, हालांकि टिकट को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि 2025 में उपचुनाव के बाद कंचनप्रीत कौर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर नेपाल के रास्ते भारत आने और चुनाव खत्म होने के बाद वापस लौटने से जुड़े आरोप लगाए गए थे।
2025 की गिरफ्तारी के बाद भी हुआ था विवाद
कंचनप्रीत कौर की कथित गिरफ्तारी के मामले ने 2025 में राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया था। उस समय अमृतसर ग्रामीण के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पंजाब सरकार द्वारा निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। अब अमृतपाल बाठ की कनाडा में गिरफ्तारी की खबर के बाद पुराने मामले फिर चर्चा में हैं। आगे की स्थिति कनाडा की एजेंसियों की कार्रवाई, पंजाब में दर्ज मामलों और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि पर निर्भर करेगी।
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