Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए ‘कार्टून वॉर’ छिड़ी हुई है। बीजेपी आईटी सेल द्वारा जारी किए गए दो कार्टून पोस्टर्स ने सियासी माहौल गरमा दिया है। खासतौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर बनाया गया एक विवादित कार्टून वायरल हो गया है, जिसमें Gen-Z (जेनरेशन-Z) को राहुल गांधी को लात मारते हुए दिखाया गया है।

यह पोस्टर बीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर साझा किया गया और कुछ ही घंटों में यह प्रदेश की राजनीति का केंद्र बिंदु बन गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे आपत्तिजनक और अपमानजनक बताते हुए एफआईआर दर्ज कराने की घोषणा की है।

क्या है विवाद?
बीजेपी द्वारा जारी पहले कार्टून में दो पात्र दिखाए गए हैं, जिसमें Gen-Z युवा वर्ग राहुल गांधी को लात मारता नजर आ रहा है। इसके जरिए बीजेपी ने इशारा किया कि नई पीढ़ी कांग्रेस और राहुल गांधी को नकार रही है।
वहीं, दूसरे पोस्टर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को निशाना बनाया गया है। इसमें दावा किया गया कि “रुपए बांटने के बावजूद कांग्रेस की रैली में भीड़ नहीं जुट रही”। इस पोस्टर में सचिन पायलट, दीपक बैज और भूपेश बघेल को कार्टून स्वरूप में दर्शाया गया है।
कांग्रेस ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि, “बीजेपी को कांग्रेस की रैलियों के लिए अपना एक प्रतिनिधि नियुक्त कर देना चाहिए, जिससे उन्हें सही जानकारी मिल सके। हम मंच भी दे देंगे, ताकि वे भीड़ की वीडियोग्राफी करके सच्चाई जान सकें।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों पर भी हमला बोलते हुए कहा, “उनकी सभाओं में पैसों से भीड़ बुलाई जाती है, यह कोई राज नहीं है।”
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने आगे कहा कि बीजेपी की सोशल मीडिया टीम लगातार कांग्रेस नेताओं और उनके परिजनों को निशाना बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएगी और इसे लेकर पुलिस से शिकायत भी करेगी।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि, “कांग्रेस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बीजेपी को किसी प्रतिनिधि की जरूरत नहीं है। उनके कृत्य खुद-ब-खुद वायरल हो जाते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस 200 रुपए में महिलाओं को रैली में बुलाती है, लेकिन देती केवल 100 रुपए है, जिससे महिलाएं नाराज होकर वीडियो वायरल कर रही हैं। चिमनानी ने कहा कि “जनता सब देख रही है, इसलिए कांग्रेस की बौखलाहट समझी जा सकती है।”
छत्तीसगढ़ की राजनीति में सोशल मीडिया अब केवल प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमले और पलटवार का प्रमुख हथियार बन चुका है। राहुल गांधी से जुड़े विवादित कार्टून ने ना केवल राजनीतिक गरमाहट बढ़ाई है, बल्कि कानूनी कार्रवाई की नौबत भी ला दी है। देखना होगा कि यह मुद्दा राजनीतिक प्रचार तक सीमित रहता है या वाकई कानून के दायरे में पहुंचता है।










