CDS Anil Chauhan: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने गोरखनाथ मंदिर में शुक्रवार को ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषय पर आयोजित सेमिनार में कहा कि भूमि राष्ट्र की भौतिक पहचान है और साथ ही राष्ट्र की विचारधारा की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक राष्ट्र के संचालन के लिए विचारधारा उतनी ही जरूरी है, जितना शरीर के लिए खून। यह विचारधारा प्रशासनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करती है।

जनरल अनिल चौहान ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि दुश्मन परमाणु हथियारों से लैस हैं और सीमा विवाद भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद से कई बार सीमा विवाद को लेकर लड़ाइयां हुई हैं, जिनमें चीन के साथ सीमा विवाद सबसे अहम चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा क्षेत्रीय अस्थिरता भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा विवाद
CDS जनरल चौहान ने सीमाओं की सुरक्षा को भारत की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि भारत के दुश्मन अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, इसलिए सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाना जरूरी है। खासकर चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद ने सुरक्षा को और भी जटिल बना दिया है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय अस्थिरता जैसे मुद्दे भी देश की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं।
गोरखनाथ मंदिर में राष्ट्रीय सुरक्षा पर सेमिनार
यह सेमिनार महंत दिग्विजयनाथ महाराज और महंत अवैद्यनाथ महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर हर साल आयोजित किया जाता है। इस साल के आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए, जिन्होंने सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा में भाग लिया। इस सेमिनार का उद्देश्य देश की सुरक्षा के महत्व और उसमें आने वाली चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श करना है।
विचारधारा की अहमियत
जनरल अनिल चौहान ने कहा कि केवल भौतिक सीमाओं की ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की विचारधारा की भी रक्षा आवश्यक है। विचारधारा वह आधार है जो देश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाता है और राष्ट्र के संचालन को सुनिश्चित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि विचारधारा के बिना कोई भी राष्ट्र टिकाऊ नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा सुरक्षा के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में राष्ट्रीय सुरक्षा की जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि यह देश की सुरक्षा में योगदान देता है। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम ने सुरक्षा संबंधी संदेश को व्यापक जनसमूह तक पहुंचाने का काम किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में जनरल अनिल चौहान का यह संदेश विशेष रूप से वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीमा विवाद, परमाणु हथियारों से लैस दुश्मनों और क्षेत्रीय अस्थिरता जैसे मुद्दे भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। ऐसे समय में भूमि के साथ-साथ राष्ट्र की विचारधारा की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है, जो देश की स्थिरता और विकास की नींव रखती है।
Read More : MEA Statement War: विदेश मंत्रालय का बयान, रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की मध्यस्थता की कोशिशें जारी










