CEC Gyanesh Kumar : विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक आज नई दिल्ली में होगी। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में चुनावी प्रक्रिया, SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
चुनाव आयोग के खिलाफ रणनीति पर होगा मंथन
CWC की बैठक ऐसे समय हो रही है, जब कांग्रेस चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। पार्टी की ओर से पहले भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन किए गए हैं। बैठक में आगामी कार्यक्रमों और विपक्षी दलों के साथ समन्वय पर भी चर्चा हो सकती है।
मुंबई में उद्धव-राज ठाकरे की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस
उधर, मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे आज संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। दोनों दलों ने SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर साथ आने का फैसला किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पार्टियां 4 अक्टूबर को मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त मोर्चा निकालने की तैयारी कर रही हैं।
ज्ञानेश कुमार से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई का कार्यक्रम है। याचिका में उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने और उनके कुछ फैसलों पर रोक लगाने जैसी मांगें की गई हैं। संबंधित याचिका में SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारों को लेकर भी कानूनी सवाल उठाए गए हैं।
ECINet को लेकर महाराष्ट्र CEO की चिट्ठी
इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम की ओर से चुनाव आयोग को भेजी गई चिट्ठी चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने SIR के नोटिस चरण में इस्तेमाल हो रहे ECINet सॉफ्टवेयर में बदलाव की मांग की। उनका जोर इस बात पर था कि ERO को कानून के तहत मिले अधिकारों का डिजिटल सिस्टम में भी पूरा इस्तेमाल करने की सुविधा हो।
ERO को सुनवाई के बाद फैसला लेने की सुविधा
चोकलिंगम ने सुझाव दिया कि यदि मतदाता पर्याप्त और संतोषजनक दस्तावेज जमा कर देता है तो ERO को व्यक्तिगत सुनवाई से छूट देने का अधिकार होना चाहिए। साथ ही निर्धारित सूची के अलावा अन्य वैध दस्तावेज स्वीकार करने की व्यवस्था भी मांगी गई। चुनाव आयोग ने इसके बाद नोटिस प्रक्रिया में बदलाव करते हुए BLO को घर जाकर दस्तावेज लेने और ECINet पर अपलोड करने की सुविधा दी है।
चुनाव आयुक्तों ने भी ECINet पर जताई थी चिंता
ECINet को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी पहले सवाल उठ चुके हैं। रिपोर्टों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से सिस्टम तथा अधिकारियों की भूमिका से संबंधित आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। चुनाव आयोग ने हालांकि कहा है कि फील्ड अधिकारियों को ECINet में उनकी वैधानिक शक्तियों के अनुरूप रोल-बेस्ड एक्सेस दिया गया है।
ECINet की समीक्षा के लिए कमेटी गठित
विवाद के बीच चुनाव आयोग ने ECINet की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया है। कमेटी की अध्यक्षता वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त करेंगे और इसमें IIT या IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल किया जाएगा। आयोग के अनुसार, समिति यह देखेगी कि सिस्टम संबंधित कानूनों और नियमों के अनुरूप काम कर रहा है या नहीं।
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर दिया जवाब
विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिन राज्यों में चुनाव जीतती है, वहां आयोग को दोषी नहीं ठहराती, जबकि हार की स्थिति में चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है। यह बीजेपी की ओर से कांग्रेस के आरोपों का राजनीतिक जवाब है।
राहुल गांधी ने बेला एस्टेट का उठाया मुद्दा
इस विवाद के बीच राहुल गांधी ने दिल्ली के बेला एस्टेट का दौरा कर SIR के बाद मतदाता सूची में नामों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वहां बड़ी संख्या में पुराने निवासियों के नाम सूची से बाहर हो गए हैं। राहुल गांधी ने मौके पर एक SDM से भी बातचीत की और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर जवाब मांगा। उनके दावों पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
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