Ambikapur News : जनपद पंचायत अंबिकापुर में कार्यरत उप अभियंता रावेन्द्र यादव ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) आरएस सेंगर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यादव ने प्रदेश की प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो को संबोधित 6 पन्नों का पत्र लिखकर न केवल सीईओ पर कलेक्टर के नाम से अवैध उगाही करने और ठेकेदारी करने का आरोप लगाया है, बल्कि इससे परेशान होकर अपने ही निलंबन की मांग भी की है।

अपने पत्र में उप अभियंता ने कहा है कि वे वर्तमान में 51 ग्राम पंचायतों में लगभग 240 निर्माण कार्यों का तकनीकी मार्गदर्शन और मूल्यांकन कर रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के 316 आवासों की जिम्मेदारी भी उनके पास है। इस दौरान सीईओ द्वारा लगातार 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है। उन्होंने लिखा कि कलेक्टर द्वारा योजनाओं को बिना किसी कमीशन के स्वीकृत कर दिया जाता है, लेकिन कलेक्टर के जाते ही सीईओ दबाव बनाकर रकम की मांग करते हैं।

शिकायत पत्र :


उन्होंने कहा कि सीईओ द्वारा ठेकेदारों से फिक्स दुकानों से सामग्री खरीदने की बाध्यता की जाती है, जिससे गुणवत्ता नियंत्रण असंभव हो गया है। “कमीशन मिलने तक तो सीईओ तकनीकी खामियों का हवाला देते हैं, लेकिन जैसे ही राशि मिलती है, अपूर्ण कार्यों को भी पूरा मानकर मूल्यांकन करा लेते हैं।”
यादव ने शासन से आग्रह किया है कि सीईओ आर.एस. सेगर के खिलाफ आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो से अवैध संपत्ति की जांच कराई जाए। साथ ही, लगातार दबाव और अवैध गतिविधियों से परेशान होकर उन्होंने अपने निलंबन का आदेश देने की भी मांग की है।










