CG Liquor Scam : छत्तीसगढ़ के 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने पूर्व आबकारी आयुक्त एवं रिटायर्ड IAS अधिकारी निरंजन दास को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से जांच एजेंसियों की रडार पर रहे निरंजन दास पर आरोप है कि उन्होंने इस घोटाले की पूरी योजना बनाई और उसे लागू कराने में अहम भूमिका निभाई।

निरंजन दास पर लगे आरोप
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी विभाग के प्रमुख रहे निरंजन दास पर आरोप है कि उन्होंने विभाग में सक्रिय सिंडिकेट का समर्थन किया। इसके तहत शासकीय शराब दुकानों में अनएकाउंटेड शराब की बिक्री, अधिकारियों के ट्रांसफर में हस्तक्षेप, टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर और दोषपूर्ण शराब नीति लाने में सहयोग किया। इन कार्रवाइयों के जरिए सिंडिकेट को भारी लाभ पहुंचाया गया और इसके एवज में निरंजन दास को करोड़ों रुपये का लाभ मिला।

इस घोटाले में निरंजन दास की भूमिका को देखते हुए EOW ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। शुक्रवार को उन्हें रिमांड पर लेने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई तक गिरफ्तारी से राहत दी थी।
फरार हुए आरोपी
सूत्रों के अनुसार, ईओडब्ल्यू की टीम नितेश पुरोहित और यश पुरोहित को गिरफ्तार करने के लिए गिरिराज होटल पहुंची थी, लेकिन दोनों आरोपी छानबीन के दौरान फरार हो गए। इनके खिलाफ भी जल्द ही सख्त कार्रवाई होने की संभावना है।
कस्टम मिलिंग घोटाले में ED की छापेमारी
शराब घोटाले के साथ ही 140 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि घोटाले में भी जांच तेज कर दी गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने भिलाई समेत प्रदेश के दस ठिकानों पर छापेमारी की। भिलाई के तालपुरी इलाके में रिटायर्ड IAS डॉ. आलोक शुक्ला और सुधाकर राव के घर दबिश दी गई।
ED की टीम ने घर की घेराबंदी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े कागजात जब्त किए। हालांकि, आलोक शुक्ला घर पर नहीं मिले। बताया जा रहा है कि वे मध्यप्रदेश गए थे। उनके घर पर नोटिस चस्पा कर उन्हें तलब किया गया है। सूत्रों के अनुसार, डॉ. आलोक शुक्ला विशेष कोर्ट में सरेंडर करने भी पहुंचे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अभाव में उन्हें वापस भेज दिया गया।
जांच की गहराई बढ़ी
ये छापेमारी और गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर फैले घोटालों की जांच अब और गहराई से की जा रही है। राज्य में शराब और कस्टम मिलिंग घोटाले के मामले में कई उच्च पदस्थ अधिकारियों और व्यापारियों के नाम जुड़ते जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की जांच में निरंजन दास की गिरफ्तारी एक बड़ा कदम है। इसके साथ ही कस्टम मिलिंग घोटाले में ED की छापेमारी इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। सरकार और जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इन मामलों में और भी खुलासे हो सकते हैं, जिससे छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक प्रणाली में भूचाल आ सकता है।










