CG MBBS Intern Stipend: छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे MBBS डॉक्टरों के लिए राहत की खबर सामने आई है। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले करीब 20 दिनों से आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने 30 अगस्त तक आंदोलन रोकने का निर्णय लिया है। अब इंटर्न डॉक्टरों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही स्टाइपेंड बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री से डॉक्टरों की हुई मुलाकात
बुधवार को इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की। इस दौरान डॉक्टरों ने अपनी प्रमुख मांगों को मंत्री के सामने रखा। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा MBBS इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का रहा। डॉक्टरों ने सरकार को बताया कि मौजूदा राशि उनकी जिम्मेदारियों और बढ़ती महंगाई के हिसाब से पर्याप्त नहीं है।
सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने का दिया आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभागीय स्तर पर जरूरी कार्रवाई को तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार की ओर से दिए गए इस आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया। हालांकि, आंदोलन को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है और 30 अगस्त तक सरकार की कार्रवाई पर नजर रखी जाएगी।
15,900 रुपये से बढ़कर 25 हजार होगा स्टाइपेंड
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में MBBS इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 15,900 रुपये स्टाइपेंड के तौर पर दिए जाते हैं। सरकार की ओर से इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने का आश्वासन दिया गया है। विभागीय फाइलिंग और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सितंबर से बढ़ी हुई राशि मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम भुगतान संबंधित सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
डॉक्टरों की मांग थी 30 हजार रुपये प्रतिमाह
इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांग मौजूदा 15,900 रुपये की राशि को बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की थी। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले लगभग तीन वर्षों से स्टाइपेंड में कोई पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई है। दूसरी ओर इस अवधि में महंगाई, किराया, भोजन और दैनिक जरूरतों का खर्च लगातार बढ़ा है। ऐसे में मौजूदा स्टाइपेंड से कई इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पतालों में निभाते हैं अहम जिम्मेदारियां
MBBS इंटर्न डॉक्टर मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में मरीजों की देखभाल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। उनकी ड्यूटी वार्ड, इमरजेंसी और अन्य विभागों में लगाई जाती है। मरीजों की निगरानी, चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में सहयोग और अस्पताल की नियमित सेवाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। डॉक्टरों का कहना है कि काम का दबाव और जिम्मेदारियां काफी अधिक हैं, इसलिए उनके मानदेय को भी उसी अनुपात में बढ़ाया जाना चाहिए।
24 घंटे की ड्यूटी को लेकर भी उठे सवाल
इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांग के दौरान ड्यूटी के लंबे घंटों का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि अस्पतालों में कई बार उन्हें लंबे समय तक सेवाएं देनी पड़ती हैं और आपातकालीन परिस्थितियों में भी जिम्मेदारी निभानी होती है। ऐसी स्थिति में 15,900 रुपये का मौजूदा स्टाइपेंड उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। डॉक्टर चाहते हैं कि सरकार उनकी कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित मानदेय सुनिश्चित करे।
30 अगस्त तक सरकार के फैसले पर नजर
स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलन को 30 अगस्त तक स्थगित किया गया है। अब इंटर्न डॉक्टर विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई और स्टाइपेंड बढ़ोतरी के आदेश का इंतजार करेंगे। यदि तय समय में सरकार की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो डॉक्टरों को राहत मिल सकती है। वहीं, मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को दोबारा शुरू करने का विकल्प भी खुला रहेगा।
सितंबर से बढ़े स्टाइपेंड की उम्मीद
सरकार के आश्वासन के मुताबिक विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद सितंबर से MBBS इंटर्न डॉक्टरों को बढ़ा हुआ स्टाइपेंड मिलने की उम्मीद है। यदि 15,900 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की राशि लागू होती है, तो इससे इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि डॉक्टरों की मूल मांग 30 हजार रुपये प्रतिमाह की है, इसलिए आगे सरकार के अंतिम निर्णय पर सभी की नजर बनी रहेगी।
आंदोलन स्थगित, मांगों पर जारी रहेगा इंतजार
फिलहाल स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद छत्तीसगढ़ के इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन को रोक दिया है। करीब 20 दिनों तक चली इस मुहिम के बाद सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। अब 30 अगस्त तक डॉक्टर सरकार की कार्रवाई का इंतजार करेंगे। सितंबर में बढ़ा हुआ स्टाइपेंड लागू होने पर लंबे समय से चली आ रही इस मांग को लेकर उन्हें बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
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