NSUI Election : कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने अपने आगामी संगठनात्मक चुनावों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस बार चुनाव प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण के अंतर्गत प्रदेश भर के सभी सरकारी, निजी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ-साथ कॉलेजों में कैंपस अध्यक्षों का चुनाव संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद, दूसरे चरण में जिला और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक पदाधिकारियों का चयन किया जाएगा। यह नई व्यवस्था सीधे तौर पर जमीनी स्तर से नेतृत्व को उभारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कैंपस अध्यक्षों से ही बनेगी 11 सदस्यीय कार्यकारिणी
चुनाव के पहले चरण में छात्र-छात्राएं केवल अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी के कैंपस अध्यक्ष के लिए मतदान करेंगे। चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद, संबंधित शैक्षणिक संस्थान में 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि संगठन की नई टीम को मजबूत करने के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया में केवल वही उम्मीदवार भाग ले सकेंगे, जो अपने कैंपस से निर्वाचित होकर आए हैं। जिला और प्रदेश स्तरीय चुनावों में मतदान करने का अधिकार भी इन्हीं निर्वाचित कैंपस अध्यक्षों के पास रहेगा, जिससे संगठन का नेतृत्व सीधे तौर पर शैक्षणिक संस्थानों से जुड़कर सामने आएगा।

आयु सीमा और सदस्यता के नए नियम
एनएसयूआई ने स्पष्ट किया है कि इस बार यूथ कांग्रेस की तर्ज पर कैंपस के बाहर कोई सदस्यता अभियान नहीं चलाया जाएगा। संगठन की सदस्यता केवल मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों को ही प्रदान की जाएगी। चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 16 से 27 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। छात्र संगठन ने तीन वर्ष की सदस्यता के लिए मात्र 45 रुपये का शुल्क तय किया है। यह निर्णय लिया गया है कि सदस्यता प्रक्रिया पूरी तरह से छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और संस्थान की पात्रता के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।

स्क्रूटनी और इंटरव्यू तय करेंगे अंतिम पदाधिकारियों का चयन
चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पेशेवर बनाने के लिए संगठन ने एक नई चयन पद्धति लागू की है। केवल चुनाव जीतना ही काफी नहीं होगा, बल्कि इसके बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों की गहन स्क्रूटनी की जाएगी, जिसमें उनके दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाएगी। स्क्रूटनी के बाद उम्मीदवारों को व्यक्तिगत इंटरव्यू की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस कड़ी परीक्षा का मुख्य उद्देश्य संगठन के जिला और प्रदेश स्तर पर केवल योग्य, अनुशासित और सक्रिय कार्यकर्ताओं को ही जिम्मेदारी सौंपना है ताकि एनएसयूआई भविष्य के लिए एक सक्षम नेतृत्व तैयार कर सके।
छात्र राजनीति को फिर से कैंपस केंद्रित बनाने की कवायद
संगठन का मानना है कि इस नई चुनाव प्रणाली का मुख्य लक्ष्य छात्र राजनीति को वापस उसके मूल, यानी कैंपस तक सीमित और केंद्रित करना है। कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर काम करने वाले सक्रिय छात्रों को प्राथमिकता मिलने से एक नई और ऊर्जावान नेतृत्व टीम का निर्माण होगा। इन प्रतिनिधियों को संगठनात्मक प्रशिक्षण और वैचारिक मार्गदर्शन दिया जाएगा ताकि वे नेतृत्व विकास के माध्यम से जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की कमान मजबूती से संभाल सकें। इस पूरी कवायद का उद्देश्य आने वाले समय में छात्र राजनीति की दशा और दिशा को एक नई ऊंचाई प्रदान करना है।
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