CG Politics: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच एक बार फिर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने रायपुर स्थित ईडी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि विपक्षी नेताओं को राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से निशाना बनाया जा रहा है।

भूपेश बघेल ने साय सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हुए। उन्होंने केंद्र सरकार के इशारे पर ईडी द्वारा कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। बघेल ने जांच एजेंसी पर निशाना साधते हुए कहा कि ईडी को भाजपा की कथित चाटुकारिता से बाहर आना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में राजनीतिक परिस्थितियां बदलेंगी और कांग्रेस की सरकार बनने पर भाजपा नेताओं से जुड़े कथित घोटालों की जांच कराई जाएगी।

भ्रष्टाचार और वसूली के लगाए गंभीर आरोप
भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और कथित वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौन नेता या मंत्री कहां कथित तौर पर वसूली कर रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। बघेल ने कुछ मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब मांगने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की सरकार दोबारा बनने पर कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच होगी और दोषियों से जवाब लिया जाएगा।
कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक विद्वेष
रायपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष शंकर कुमार मेनन ने भी रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार विपक्ष के नेताओं के खिलाफ विद्वेषपूर्ण राजनीति कर रही है। मेनन ने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए विपक्षी नेताओं को परेशान किया जा रहा है और उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
पुराने घोटालों का मुद्दा उठाया
मेनन ने केंद्र में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के समय भाजपा द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने 2G, 3G, 4G स्पेक्ट्रम और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार पर लगाए गए कई आरोपों को बाद में अदालत में साबित नहीं किया जा सका। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा अब भी विपक्षी नेताओं के खिलाफ इसी तरह की रणनीति अपना रही है।

विपक्षी नेताओं की कार्रवाई का दिया उदाहरण
कांग्रेस नेता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, दिल्ली के अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में विपक्षी नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से परेशान किया जा रहा है। मेनन ने कहा कि कई मामलों में नेताओं को लंबे समय तक जांच का सामना करना पड़ा, लेकिन अदालत में आरोप साबित नहीं हो पाए।
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
शंकर कुमार मेनन ने रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज मामले को भी राजनीतिक कार्रवाई बताया। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी कई कांग्रेस नेताओं को अलग-अलग मामलों में आरोपी बनाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें अदालत से राहत मिली। कांग्रेस का कहना है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद अदालत में आरोपों को साबित करना जरूरी है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि कानूनी प्रक्रिया में मामला टिक नहीं पाएगा।
बीजेपी ने कांग्रेस के प्रदर्शन को बताया फ्लॉप
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी तीखा पलटवार किया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कांग्रेस के प्रदर्शन को पूरी तरह विफल करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में जनता का समर्थन नजर नहीं आया। भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी कांग्रेस अपनी अंदरूनी गुटबाजी और खींचतान को छिपाने के लिए इस तरह के विरोध प्रदर्शन कर रही है।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई का किया बचाव
विजयशंकर मिश्रा ने कहा कि ईडी और अन्य संवैधानिक जांच एजेंसियां यदि कथित भ्रष्टाचार और सरकारी धन की लूट से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रही हैं, तो कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्रवाई से बचने के लिए राजनीतिक प्रदर्शन का सहारा ले रही है। भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के कथित दोहरे चरित्र और उसके नेताओं से जुड़े मामलों को अच्छी तरह समझती है।
दोनों दलों में बढ़ा राजनीतिक टकराव
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा जांच एजेंसियों की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम बता रही है। दोनों दलों के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ने के आसार हैं। अब निगाहें इस मामले की आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई और अदालत में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।











