Richest Indian CM : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों की सूची में शीर्ष पर हैं। हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट के अनुसार, उनके पास 931 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जो देश के कुल 30 मुख्यमंत्रियों की संयुक्त संपत्ति का लगभग 57% हिस्सा है। रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रबाबू नायडू के पास कुल संपत्ति में से 810 करोड़ रुपए की चल संपत्ति (कैश, बैंक डिपॉजिट, जेवर आदि) और 121 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति (मकान, जमीन आदि) शामिल है। हालांकि, उनके ऊपर करीब 10 करोड़ रुपये का कर्ज भी दर्ज है।

सबसे कम संपत्ति ममता बनर्जी के पास
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास देश के सभी मुख्यमंत्रियों में सबसे कम संपत्ति है। उनके पास केवल 15.38 लाख रुपए की चल संपत्ति है और कोई अचल संपत्ति नहीं है। यह जानकारी चुनाव सुधार के लिए काम करने वाले NGO असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच (NEW) की रिपोर्ट से मिली है। इस रिपोर्ट में देश के 27 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के 30 मुख्यमंत्रियों के हालिया हलफनामों का विश्लेषण किया गया है। मणिपुर में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है, इसलिए वहां मुख्यमंत्री नहीं हैं।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू दूसरे नंबर पर
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू 332 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। उनके पास लगभग 165 करोड़ की चल संपत्ति और 167 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। हालांकि, वे कर्जदार मुख्यमंत्रियों की सूची में सबसे ऊपर हैं, जिन पर कुल 180 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के पास कुल 51 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें से 21 करोड़ रुपए की चल संपत्ति और 30 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति शामिल है।
कम संपत्ति वाले अन्य मुख्यमंत्री
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पास केवल 55.24 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जो उन्हें सबसे कम संपत्ति वाले दूसरे मुख्यमंत्री बनाता है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के पास कुल 1.18 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें 31.8 लाख रुपए की चल और 86.95 लाख रुपए की अचल संपत्ति शामिल है।
यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि भारत के मुख्यमंत्रियों के बीच संपत्ति का बड़ा अंतर है। जहां कुछ मुख्यमंत्री करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, वहीं कुछ के पास सीमित चल संपत्ति ही है। चुनावी हलफनामों के आधार पर तैयार यह डेटा लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए अहम है।
Read More : Karnataka Political : कर्नाटक में भाजपा उम्मीदवार को शून्य वोट, बूथ अध्यक्ष समेत दो ने भी नहीं दिया वोट










