ChatGPT Ads Launch
ChatGPT Ads Launch: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में क्रांति लाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि वह अब ‘चैटजीपीटी’ के भीतर विज्ञापनों (Ads) की लाइव टेस्टिंग शुरू कर रही है। यह संवादात्मक एआई के जरिए कमाई करने यानी ‘मोनेटाइजेशन’ की दिशा में ओपनएआई का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ये विज्ञापन चैट इंटरफेस के बिल्कुल नीचे एक अलग और स्पष्ट लेबल वाले सेक्शन में दिखाई देंगे। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि विज्ञापन एआई द्वारा दिए गए जवाबों (Responses) के बीच में नहीं आएंगे, जिससे चैटजीपीटी के मूल यूजर एक्सपीरियंस और जवाबों की निष्पक्षता बनी रहेगी।
ओपनएआई ने विज्ञापनों के प्रदर्शन के लिए एक विशेष वर्ग निर्धारित किया है। कंपनी के अनुसार, ये विज्ञापन मुख्य रूप से ‘फ्री टियर’ (मुफ्त सेवा) का उपयोग करने वाले ग्राहकों और कम लागत वाले ‘गो सब्सक्रिप्शन’ (Go Subscription) वाले लॉग-इन यूजर्स को दिखाए जाएंगे। कंपनी ने सुरक्षा और गोपनीयता का आश्वासन देते हुए कहा है कि विज्ञापनदाता (Advertisers) किसी भी स्थिति में यूजर्स की व्यक्तिगत बातचीत को नहीं देख पाएंगे और न ही वे चैटजीपीटी द्वारा दिए जाने वाले जवाबों को प्रभावित कर सकेंगे। ओपनएआई का लक्ष्य विज्ञापनों को इस तरह पेश करना है कि वे प्रत्येक यूजर के लिए प्रासंगिक और उपयोगी साबित हों।
ओपनएआई विज्ञापनों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए एडवांस्ड एल्गोरिदम का उपयोग कर रहा है। टेस्टिंग के दौरान, एआई विज्ञापनों को वर्तमान बातचीत के विषयों, पिछली चैट हिस्ट्री और यूजर की पुरानी विज्ञापन गतिविधियों के आधार पर मैच करेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई यूजर नई डिशेज या कुकिंग रेसिपी की खोज कर रहा है, तो उसे इंटरफेस के नीचे ‘मील किट’ या ‘ग्रोसरी डिलीवरी’ सेवाओं के विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं। यदि एक ही विषय पर कई विज्ञापनदाता मौजूद हैं, तो ओपनएआई का सिस्टम सबसे अधिक प्रासंगिक विकल्प को प्राथमिकता देगा।
यूजर्स की गोपनीयता को लेकर उठने वाले सवालों पर ओपनएआई ने कड़ा रुख अपनाया है। कंपनी का दावा है कि यूजर्स को विज्ञापन अनुभव पर पूरा नियंत्रण दिया जाएगा। यूजर्स न केवल विज्ञापनों को अस्वीकार कर सकते हैं, बल्कि अपनी ‘एडवर्टाइजमेंट हिस्ट्री’ और ‘इंटरेस्ट डेटा’ को देख और हटा भी सकते हैं। इसके अलावा, ‘पर्सनलाइजेशन’ को चालू या बंद करने की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई यूजर पर्सनलाइजेशन बंद कर देता है, तो विज्ञापन केवल उसकी वर्तमान चैट के विषय तक ही सीमित रहेंगे। फ्री यूजर्स के पास यह विकल्प भी होगा कि वे कम दैनिक मैसेज की सीमा स्वीकार कर विज्ञापनों से ‘ऑप्ट-आउट’ कर लें या प्रीमियम पेड प्लान में अपग्रेड कर लें।
ओपनएआई ने स्पष्ट किया है कि भले ही वे विज्ञापन दिखाने के लिए ‘नॉन-कनवर्सेशनल डेटा’ (बातचीत के अलावा अन्य डेटा) का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन यूजर इसे कभी भी बंद करने के लिए स्वतंत्र हैं। दिग्गज एआई कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य चैटजीपीटी को इस तरह से ‘ऑप्टिमाइज’ करना बिल्कुल नहीं है कि लोग ऐप पर जरूरत से ज्यादा समय बिताएं ताकि विज्ञापनों की संख्या बढ़ाई जा सके। कंपनी का प्राथमिक उद्देश्य एक टिकाऊ आर्थिक मॉडल विकसित करना है, जिससे भविष्य में एआई सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।
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