Cheteshwar Pujara retirement: भारतीय क्रिकेट के विश्वसनीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने एक भावुक पोस्ट में कहा कि भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना और मैदान पर हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना उनके लिए अपूरणीय अनुभव रहा। पुजारा ने लिखा कि हर अच्छी चीज़ का अंत होना जरूरी होता है, इसलिए उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया है।

राजकोट के छोटे कस्बे से भारत तक का सफर
अपने संन्यास के साथ पुजारा ने अपनी यात्रा का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि राजकोट के एक छोटे से कस्बे में पले-बढ़े एक बच्चे के रूप में, अपने माता-पिता के साथ, उन्होंने सितारों को छूने का सपना देखा था। भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का सपना उनके लिए कभी दूर नहीं था, और यह खेल उन्हें अमूल्य अवसर, अनुभव और देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव लेकर आया।

बीसीसीआई और सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन को धन्यवाद
पुजारा ने अपने पोस्ट में बीसीसीआई और सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन को उनके करियर में मिले समर्थन और अवसर के लिए खास धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के सहयोग के बिना यह सफर संभव नहीं होता।
सभी टीमों और कोचों के प्रति आभार व्यक्त किया
चेतेश्वर पुजारा ने अपने करियर में जिन-किन्हीं टीमों का प्रतिनिधित्व किया, उनके प्रति भी आभार जताया। उन्होंने उन सभी कोचों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके क्रिकेट करियर में मार्गदर्शन और समर्थन दिया। पुजारा ने कहा कि उनके अनुभवों और सीखों ने उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी और इंसान बनाया।
पुजारा का क्रिकेट जगत में अमिट योगदान
चेतेश्वर पुजारा को भारत के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने अपने संयमित खेल और संघर्षशील रवैये से कई बड़े मैचों में टीम को जीत दिलाई। उनके संन्यास से भारतीय क्रिकेट प्रेमियों में गहरा उत्सुकता और भावुकता देखने को मिल रही है। पुजारा का संन्यास क्रिकेट की दुनिया के लिए एक बड़ी खबर है। उन्होंने देश के लिए खेलते हुए अपने करियर को समर्पित किया और अब एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। उनके योगदान को भारतीय क्रिकेट सदैव याद रखेगा।
Read More : Sergio Gore India ambassador : सर्जियो गोर बने भारत के नए अमेरिकी राजदूत, जयशंकर ने दी प्रतिक्रिया










