Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों और पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पशुधन विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट के अंतर्गत प्रदेश के 17 विकासखंड मुख्यालयों में संचालित पशु चिकित्सालयों को जिला पशु चिकित्सालय के रूप में उन्नत करने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस फैसले से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पशुओं के इलाज की सुविधाओं का विस्तार होगा।
17 विकासखंडों के अस्पतालों का बढ़ेगा दर्जा
नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से जारी आदेश के अनुसार, वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद इन अस्पतालों के उन्नयन का रास्ता साफ हुआ है। सरकार का उद्देश्य दूरस्थ इलाकों और नए जिलों में पशु चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

अस्पतालों का दर्जा बढ़ने से संबंधित क्षेत्रों में पशुओं के इलाज की व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। पशुपालकों को अपने बीमार मवेशियों के उपचार के लिए दूसरे बड़े शहरों या जिला मुख्यालयों तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे समय और परिवहन खर्च की बचत होने की उम्मीद है।

प्रत्येक अस्पताल में बनेगा नया पद
सरकार ने अस्पतालों के उन्नयन के साथ मानव संसाधन बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। जारी आदेश के अनुसार, प्रत्येक अपग्रेड किए जाने वाले पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ का एक पद स्वीकृत किया गया है। इस तरह कुल 17 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली है।
इन पदों पर नियुक्ति होने से अस्पतालों में पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे बीमार और घायल पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की उम्मीद है। नए पद योग्य अभ्यर्थियों के लिए सरकारी क्षेत्र में रोजगार का अवसर भी उपलब्ध करा सकते हैं।



नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा समेत इन जिलों को लाभ
सरकार की ओर से जारी सूची में बस्तर संभाग के नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और कोंडागांव जिले शामिल हैं। इसके अलावा गरियाबंद, सूरजपुर और बलरामपुर के विकासखंड मुख्यालयों के पशु चिकित्सालयों को भी जिला अस्पताल के रूप में उन्नत किया जाएगा।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गौरेला और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेन्द्रगढ़ को भी इस योजना में शामिल किया गया है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मोहला विकासखंड मुख्यालय को भी इसका लाभ मिलेगा।
बालोद से सक्ती तक अस्पतालों का होगा उन्नयन
सूची में बालोद, बेमेतरा, बलौदाबाजार-भाटापारा, मुंगेली, सारंगढ़-बिलाईगढ़, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और सक्ती जिले भी शामिल हैं। इन जिलों के संबंधित विकासखंड मुख्यालयों में संचालित पशु चिकित्सालयों को जिला स्तर की सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने की योजना है।
इस तरह प्रदेश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। विशेष रूप से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में पशुपालकों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
वित्त विभाग की सहमति के बाद मिली मंजूरी
यह निर्णय वित्त विभाग की औपचारिक सहमति के बाद लिया गया है। आदेश में संबंधित फाइल नंबर FINACC-3602/1413/2026-FINANCE का उल्लेख किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट के तहत इस उन्नयन को स्वीकृति दी गई है।
पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकती है मजबूती
पशु चिकित्सालयों के उन्नयन से पशुधन के उपचार, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। समय पर चिकित्सा मिलने से पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादकता को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसका लाभ दूध उत्पादन और पशुपालन पर निर्भर किसानों की आजीविका तक पहुंच सकता है।
हालांकि, नई सुविधाओं का वास्तविक लाभ अस्पतालों में संसाधनों, उपकरणों और स्वीकृत पदों पर नियुक्तियों के बाद ही पूरी तरह दिखाई देगा। अब इन 17 अस्पतालों में उन्नयन की प्रक्रिया और नई व्यवस्था लागू होने पर पशुपालकों की नजर रहेगी।
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