Chhattisgarh investment : नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार कदम उठाए हैं। मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में रोड शो और निवेशक सम्मेलन करने के बाद अब सरकार विदेशी निवेशकों की तलाश में जुट गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आने वाले दिनों में जापान और साउथ कोरिया का दौरा करेंगे। यह दौरा करीब दस दिन का होगा, जिसमें वे अफसरों के साथ मिलकर निवेशकों से मुलाकात करेंगे। सरकार का मुख्य फोकस इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर पर रहेगा।

6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले
नई औद्योगिक नीति के बाद अब तक राज्य को 6.65 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इसमें पारंपरिक क्षेत्रों जैसे स्टील और ऊर्जा के साथ ही आधुनिक सेक्टर सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उद्योग भी शामिल हैं। नवा रायपुर में पॉलीमैटेक इलेक्ट्रॉनिक्स ने 11 हजार करोड़ रुपए की लागत से सेमीकंडक्टर यूनिट और डेटा सेंटर पार्क का भूमि पूजन किया है। कंपनी ने 2030 तक हर साल 10 अरब चिप्स के उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

नवा रायपुर बनेगा नया आईटी हब
राज्य सरकार नवा रायपुर को बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर आईटी हब बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने नैसकॉम के साथ समझौता किया है। साथ ही 90 एकड़ जमीन रियायती दर पर आईटी कंपनियों को आवंटित करने का निर्णय भी लिया गया है।
निवेशकों ने चुने 12 सेक्टर
अब तक मिले निवेश प्रस्तावों में निवेशकों ने 12 सेक्टर को प्राथमिकता दी है। इनमें
स्टील सेक्टर: 24 प्रस्ताव
ऊर्जा क्षेत्र: 17 प्रस्ताव
इलेक्ट्रॉनिक्स: 5 प्रस्ताव
आईटी और आईटीईएस: 3-3 प्रस्ताव
कंप्रेस्ड बायोगैस: 3 प्रस्ताव
सीमेंट, एथेनॉल, फूड प्रोसेसिंग: 2-2 प्रस्ताव
माइनिंग इक्विपमेंट, प्लास्टिक उत्पाद, फार्मास्युटिकल और ग्रीन हाइड्रोजन: 1-1 प्रस्ताव
ऊर्जा सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश
सबसे अधिक निवेश प्रस्ताव ऊर्जा सेक्टर से जुड़े हैं। अब तक यहां 3.01 लाख करोड़ रुपए के प्रपोजल मिले हैं। इनमें न्यूक्लियर थर्मल, सोलर, पीएम-कुसुम योजना, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। राज्य सरकार का दावा है कि अब तक मिले निवेश प्रस्तावों से 65 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसमें 63,751 लोगों को उन इकाइयों में नौकरी मिलेगी, जिन्हें इन्वेस्ट पत्र जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री का विदेशी दौरा अहम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विदेश दौरे से पहले उनसे मिलने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन भी पहुंचे। यह दौरा निवेशकों के विश्वास को मजबूत करने और छत्तीसगढ़ को नए औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। नई औद्योगिक नीति और अब तक मिले निवेश प्रस्तावों से साफ है कि छत्तीसगढ़ पारंपरिक उद्योगों के साथ ही आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य की जरूरत वाले क्षेत्रों पर भी तेजी से फोकस कर रहा है। मुख्यमंत्री का जापान और साउथ कोरिया दौरा राज्य में अंतरराष्ट्रीय निवेश लाने और रोजगार सृजन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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