CG Politics: रायपुर में विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में आदिवासी और वनवासी शब्दों को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा और आरएसएस पर आदिवासी समाज की पहचान को ‘वनवासी’ के रूप में प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। बैज ने कहा कि आदिवासी समाज प्रदेश की बड़ी आबादी का हिस्सा है, ऐसे में उनकी पहचान और सम्मान से जुड़े दिन को सरकारी स्तर पर नहीं मनाया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्यमंत्री की पहचान को लेकर दीपक बैज का बयान
दीपक बैज ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आदिवासी समाज से आते हैं, लेकिन उनकी विचारधारा में आदिवासी की जगह ‘वनवासी’ शब्द को प्राथमिकता दी जाती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा और आरएसएस लंबे समय से आदिवासी समुदाय के लिए वनवासी शब्द का इस्तेमाल करते रहे हैं। उनके मुताबिक यह केवल शब्दों का अंतर नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, इतिहास और अधिकारों से जुड़ा संवेदनशील विषय है।

विश्व आदिवासी दिवस पर सरकारी आयोजन नहीं होने का मुद्दा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है और छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज की आबादी 32 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है। इसके बावजूद राज्य में सरकारी स्तर पर विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन को लेकर उन्होंने सवाल उठाए। बैज ने कहा कि आदिवासी बहुल प्रदेश में इस महत्वपूर्ण अवसर पर शासकीय कार्यक्रम नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठते हैं।
आदिवासी समाज की उपेक्षा का लगाया आरोप
दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर आदिवासी समाज की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अपने अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आदिवासियों से जुड़े जल, जंगल और जमीन के मुद्दों पर सरकार को अधिक संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।
जल-जंगल-जमीन और खनिज संसाधनों पर उठाए सवाल
बैज ने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में मौजूद प्राकृतिक और खनिज संसाधनों का लाभ स्थानीय समुदाय को प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों को उनके हितों के बजाय चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने सरकार से आदिवासी हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति अपनाने की मांग की।

भाजपा-आरएसएस की विचारधारा पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने एक बार फिर भाजपा और आरएसएस पर आदिवासी समाज की पहचान को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘आदिवासी’ और ‘वनवासी’ शब्दों को लेकर लंबे समय से वैचारिक बहस होती रही है। बैज ने सवाल उठाया कि जब छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज की बड़ी आबादी है, तो उनके सम्मान और अधिकारों से जुड़े विश्व आदिवासी दिवस पर सरकारी स्तर पर व्यापक आयोजन क्यों नहीं किया गया।
सरकार पर भावनाओं के अपमान का आरोप
दीपक बैज ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर शासकीय आयोजन नहीं किया जाना केवल किसी कार्यक्रम का आयोजन न होने का मामला नहीं है। उनके अनुसार यह प्रदेश के आदिवासी समाज की भावनाओं और उनकी पहचान के सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा इस दिन को सरकारी स्तर पर महत्व नहीं देना आदिवासी समुदाय की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री से आदिवासी समाज से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को आदिवासी समुदाय की पहचान, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय लोगों की भागीदारी और हितों को प्राथमिकता देने की जरूरत है। बैज ने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
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