Balrampur Court Campus
Balrampur Court Campus : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर तहसील कार्यालय में न्याय की आस में आए दो पक्षों के बीच अचानक खूनी संघर्ष देखने को मिला। 19 मई को घटित हुई इस घटना में एक राजस्व मामले (रेवेन्यू केस) की सामान्य सुनवाई चल रही थी। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान ही अचानक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह मौखिक विवाद इतना हिंसक हो गया कि एक पक्ष ने वहां मौजूद सम्मानित अधिवक्ता (वकील) के साथ न सिर्फ बेहद अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनके साथ गाली-गलौज करते हुए सरेआम मारपीट शुरू कर दी। कोर्ट रूम के भीतर हुई इस गुंडागर्दी से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
तहसीलदार के कोर्ट रूम से शुरू हुआ यह विवाद कुछ ही पलों में पूरे तहसील और सिविल कोर्ट परिसर में फैल गया। दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए और उनके बीच जमकर लात-घूंसे और हाथापाई होने लगी। इस अप्रत्याशित हिंसक झड़प के कारण पूरे न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया। वहां अपने कामों से आए आम नागरिक और अन्य मुवक्किल जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस भारी हंगामे और अशांति के चलते उस दिन होने वाली अन्य महत्वपूर्ण मामलों की न्यायिक सुनवाई, गवाहों के बयान और साक्ष्य संबंधी सारे जरूरी सरकारी कार्य पूरी तरह प्रभावित और ठप हो गए।
अदालत परिसर की मर्यादा को तार-तार करने वाली इस संवेदनशील घटना को वाड्रफनगर के तहसीलदार गुरूदत्त पंचभाय ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए स्थानीय पुलिस प्रशासन से संपर्क साधा और शासकीय कार्य में बाधा डालने व परिसर में हिंसा फैलाने को लेकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। तहसीलदार की रिपोर्ट पर त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस चौकी वाड्रफनगर और बसंतपुर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नवगठित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं जैसे 296, 351(3), 115(2), 224, 190, 191(2), 121, 132 एवं 194(2) के अंतर्गत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया।
न्यायालय परिसर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले उपद्रवियों को पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमों ने रात के अंधेरे में अलग-अलग संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी (दबिश) शुरू की। इस सघन तलाशी अभियान के तहत पुलिस ने घटना में शामिल 10 मुख्य आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दंगाइयों की पहचान अफजल, इलियास, इलियासुद्दीन, अमरनाथ गहरवरिया, इन्द्रास, उदयनाथ गहरवरिया, रामसकल वर्मा, चन्द्रवली गहरवरिया, दिनेश पटेल और मनधारी खैरा के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी वाड्रफनगर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम परसडीहा के निवासी हैं, जिन्हें 20 मई को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस पूरे बवाल और पुलिसिया कार्रवाई के बाद बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) ने जिले के सभी असामाजिक और अराजक तत्वों को बेहद कड़ा संदेश जारी किया है। जिला पुलिस प्रमुख ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी कार्यालयों और अदालतों जैसी पवित्र जगहों पर कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अवैध व हिंसक गतिविधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” (शून्य सहनशीलता) की सख्त नीति अपनाएगा। मामले में फरार अन्य सह-आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें अब भी लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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