Health Alert CG
Health Alert CG : छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग और आम जनता के लिए एक बेहद गंभीर और जरूरी हेल्थ अलर्ट जारी किया गया है. ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मिली गुप्त और पुख्ता जानकारी के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रही कई प्रमुख दवाइयों की सघन जांच कराई गई थी. इस सरकारी जांच में कई महत्वपूर्ण मेडिसिन और इंजेक्शन पूरी तरह से घटिया क्वालिटी (सब-स्टैंडर्ड) के पाए गए हैं, जो मरीजों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं. इस गंभीर खुलासे के बाद छत्तीसगढ़ फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) तुरंत हरकत में आ गया है. विभाग ने राज्य के सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टर्स को आपातकालीन बैठक बुलाकर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करने और इन नकली व घटिया दवाओं को बाजार से जब्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं.
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रसव और अन्य गंभीर बीमारियों के समय इस्तेमाल होने वाले ‘ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन आईपी 5 आईयू/एमएल (टोसीन)’ का एक विशेष बैच सरकारी प्रयोगशाला के परीक्षण में पूरी तरह से फेल साबित हुआ है. इस इंजेक्शन का बैच नंबर 1-7881 है, जिसे लेबोरेटरी टेस्ट में “ग्रॉसली नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी” (अत्यधिक घटिया स्तर का) पाया गया है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यह जीवनरक्षक दवा सबसे पहले राजस्थान में की गई एक औचक जांच के दौरान तय मानकों पर खरी नहीं उतरी थी. चूंकि इस इंजेक्शन का उपयोग गंभीर स्थितियों में होता है, इसलिए इसकी विफलता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने तुरंत इसकी जानकारी छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य सभी राज्यों को भेजी, ताकि इसके इस्तेमाल को समय रहते रोका जा सके.
इस बड़े रैकेट और लापरवाही का दायरा केवल इंजेक्शन तक ही सीमित नहीं है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित अत्याधुनिक ‘फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब’ (Food and Drug Testing Lab) में जब बाजार से उठाए गए दवाओं के रैंडम सैंपल की जांच की गई, तो वहां भी चौंकाने वाले परिणाम सामने आए. जांच के दौरान आम जनता द्वारा रोजाना घरों में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ बेहद लोकप्रिय दवाइयों को “मिसब्रांडेड” और घटिया क्वालिटी का पाया गया है. लैब रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रतिबंधित दवाओं में मुख्य रूप से शरीर दर्द, सिरदर्द, बुखार और सर्दी-जुकाम के इलाज में धड़ल्ले से उपयोग होने वाली टैबलेट्स शामिल हैं, जो अब मरीजों के लिए जहर के समान साबित हो सकती हैं.
छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम जनता और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए उन विशिष्ट दवाओं की सूची जारी की है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंधित (बैन) कर दिया गया है. विभाग ने इन दवाओं के नाम, उनके प्रभावित बैच नंबर और एक्सपायरी डेट की जानकारी सार्वजनिक की है, जो इस प्रकार है:
नाक्पैन-पी टैबलेट्स (Nacpan-P): इस दर्द निवारक दवा का बैच नंबर: एमटी-250777 (एक्सपायरी तिथि: 04/2027) पूरी तरह से फेल पाया गया है.
फ्लामो स्टार एपी टैबलेट्स (Flamo Star AP): सूजन और दर्द में काम आने वाली इस दवा का बैच नंबर: एसएआई-25029 (एक्सपायरी तिथि: 12/2026) प्रतिबंधित किया गया है.
एसीएचई-पी टैबलेट्स (ACHE-P): इस टैबलेट का बैच नंबर: एलवी25डीटी-066बी (एक्सपायरी तिथि: 03/2027) मानकों पर खरा नहीं उतरा है.
कोल्ड जिया टैबलेट्स (Cold Zia): सर्दी-जुकाम की इस प्रसिद्ध दवा का बैच नंबर: जीटी-25294ए (एक्सपायरी तिथि: 07/2028) घटिया पाया गया है.
इस जानलेवा लापरवाही पर अंकुश लगाने के लिए एफडीए (FDA) ने राज्य के सभी मेडिकल स्टोर्स, थोक दवा विक्रेताओं (होलसेल डिस्ट्रीब्यूटर्स), निजी व सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को कड़ा फरमान जारी किया है. विभाग ने कहा है कि सभी संस्थान अपने मौजूदा स्टॉक की तत्काल और गहनता से जांच करें. यदि उनके पास ऊपर बताए गए प्रतिबंधित बैच की कोई भी दवा उपलब्ध है, तो उसकी बिक्री, वितरण और मानवीय इस्तेमाल को फौरन रोक दिया जाए. इसके साथ ही, ऐसे दूषित स्टॉक को अलग रखते हुए उसकी लिखित सूचना तत्काल संबंधित जिला ड्रग अधिकारी को सबमिट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर एफआईआर दर्ज की जा सके.
राज्य के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सरकार आम नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले दवा माफियाओं को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी. इस समय छत्तीसगढ़ के सभी छोटे-बड़े शहरों और ग्रामीण इलाकों के दवा बाजारों में इन प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई चेन को तोड़ने और इनकी अवैध बिक्री पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है. इसके अलावा, सभी जिलों में ड्रग इंस्पेक्टर्स की विशेष टीमों का गठन कर मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण की प्रक्रिया को काफी बढ़ा दिया गया है, ताकि किसी भी अनजाने या जानबूझकर किए गए कृत्य के कारण मरीजों तक ये खराब क्वालिटी की दवाइयां न पहुंच सकें.
स्वास्थ्य विभाग ने इस संकट काल में राज्य के जागरूक नागरिकों से भी एक महत्वपूर्ण और भावुक अपील की है. अधिकारियों ने कहा है कि डॉक्टर की पर्ची पर किसी भी दवा को खरीदते समय उसके बैच नंबर का मिलान जरूर करें. इसके अलावा, किसी भी दवा के इस्तेमाल के दौरान या उसके बाद अगर शरीर में कोई असामान्य साइड इफेक्ट, एलर्जी, खराब असर या दवा की क्वालिटी से जुड़ी कोई भी संदिग्ध शिकायत नजर आती है, तो बिना देर किए इसकी जानकारी अपने नजदीकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय को दें. उपभोक्ताओं की सुविधा और त्वरित त्वरित कार्रवाई के लिए विभाग ने एक आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 9340597097 भी जारी किया है, जहां कॉल करके कोई भी नागरिक अपनी गुप्त शिकायत और जानकारी सीधे दर्ज करा सकता है.
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