Bhupesh Baghel : कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विष्णुदेव साय कैबिनेट विस्तार की वैधानिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 14 मंत्रियों का होना तभी संभव है जब भारत सरकार की ओर से इसकी अनुमति मिली हो। भूपेश बघेल ने कहा कि अगर अनुमति मिल चुकी है तो सरकार को इसका गजट नोटिफिकेशन सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने पूछा कि आखिर कब यह आदेश जारी हुआ और इसे जनता से छिपाया क्यों जा रहा है? बघेल ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई अनुमति नहीं मिली है, तो मौजूदा मंत्रिमंडल पूरी तरह अवैधानिक है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने 20 अगस्त को मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इस दौरान तीन नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई गई। इनमें गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल शामिल हैं। शपथ ग्रहण का यह समारोह राजभवन में आयोजित हुआ। तीन नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद अब छत्तीसगढ़ कैबिनेट में मुख्यमंत्री साय समेत कुल 14 मंत्री हो गए हैं। यही संख्या भूपेश बघेल के सवालों का कारण बनी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत कैबिनेट के आकार की एक सीमा तय है और बिना केंद्र की स्वीकृति के इसे बढ़ाना असंवैधानिक होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के अनुसार किसी भी राज्य के मंत्रिपरिषद की संख्या राज्य विधानसभा की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं, जिनके हिसाब से मंत्रियों की अधिकतम संख्या 13 होती है। ऐसे में 14 मंत्रियों का होना तभी संभव है जब केंद्र सरकार ने विशेष अनुमति दी हो। भूपेश बघेल ने राज्य सरकार से मांग की कि वह इस संबंध में तथ्य सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र से अनुमति मिली है तो इसका आदेश दिखाना चाहिए, और अगर नहीं मिला है तो मौजूदा सरकार असंवैधानिक तरीके से काम कर रही है।
कैबिनेट विस्तार के बाद से ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्ष इसे असंवैधानिक ठहरा रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल के शामिल होने के बाद सरकार से जनता की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। माना जा रहा है कि इन मंत्रियों को क्षेत्रीय संतुलन और राजनीतिक समीकरण साधने के लिए शामिल किया गया है।
भूपेश बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संवैधानिक संस्थाओं की अनदेखी कर रही है और जनता को भ्रमित करने की कोशिश में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी। छत्तीसगढ़ कैबिनेट विस्तार ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार को और मजबूत करने के लिए नए चेहरों को जगह दी है, तो दूसरी ओर भूपेश बघेल ने इसकी वैधानिकता पर सवाल उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।
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