Chhattisgarh Cabinet Expansion : छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार को सत्ता में आए एक साल 7 महीने से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का पूर्ण गठन नहीं हो पाया है। 30 जुलाई को मुख्यमंत्री दिल्ली दौरे पर रवाना हो रहे हैं, जो भाजपा संगठन और सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी मुलाकात तय है। सूत्रों का कहना है कि इस दौरे में मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
सीएम विष्णुदेव साय के दिल्ली दौरे के दौरान एक और अहम कार्यक्रम 1 अगस्त को होने वाला है, जिसमें वह छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ डिनर कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रमुख संगठन नेता भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और सांसदों के बीच मंत्रिमंडल विस्तार और अन्य मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
जब से साय सरकार ने 13 दिसंबर 2023 को शपथ ली थी, तब से कैबिनेट में कुल 12 मंत्री थे, जबकि राज्य में 13 मंत्रियों की परंपरा रही है। पहले से ही एक पद खाली था, लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद 11 मंत्री रह गए। अब मंत्रिमंडल में कुल 2 पद खाली हैं, और भाजपा विधायकों के बीच इस मुद्दे को लेकर नाराजगी की खबरें भी आईं हैं।
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय केवल मंत्रिमंडल विस्तार पर ही नहीं, बल्कि संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर भी अंतिम निर्णय ले सकते हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट में शामिल होने वाले संभावित नामों के साथ ही संसदीय सचिवों की सूची भी जारी की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में संसदीय सचिवों की नियुक्ति की परंपरा भाजपा सरकार के दौरान शुरू हुई थी, जब डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। हालांकि, कांग्रेस ने इसे असंवैधानिक करार दिया था, लेकिन भूपेश बघेल सरकार में भी इस परंपरा को जारी रखा गया था। अब भाजपा सरकार में भी इसे आगे बढ़ाने की तैयारी है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र से पहले भी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हुई थी। 7 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अनौपचारिक चर्चा हुई थी, जिसमें बघेल ने संसदीय कार्य मंत्री की नियुक्ति की आवश्यकता की बात की थी। उनका कहना था कि विधानसभा की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए संसदीय कार्य मंत्री का होना आवश्यक है। इस पर मुख्यमंत्री ने भी जल्द ही घोषणा का संकेत दिया था, लेकिन मानसून सत्र समाप्त हो जाने के बावजूद मंत्रिमंडल विस्तार का ऐलान नहीं हुआ।
अब एक बार फिर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिल्ली दौरे के दौरान कैबिनेट विस्तार पर चर्चा तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद लंबित मंत्रिमंडल विस्तार और संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इस दौरे से पार्टी और राज्य सरकार के लिए अहम फैसले संभव हैं, जो आगामी चुनावों और संगठन के हित में महत्वपूर्ण होंगे।
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