Chhattisgarh High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में छह नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव में चार अधिवक्ताओं और दो न्यायिक अधिकारियों के नाम शामिल हैं। कॉलेजियम की 30 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में इन नामों पर सहमति बनी। इस फैसले से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।

चार अधिवक्ताओं को हाईकोर्ट का जज बनाने की सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से मंजूर प्रस्ताव के अनुसार, अधिवक्ता वर्ग से चार नामों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद के लिए अनुशंसित किया गया है। इनमें आनंद शुक्ला, रत्न निधि पुस्टी, शशांक ठाकुर और सौरभ शर्मा शामिल हैं। इन चारों नामों पर कॉलेजियम ने विचार-विमर्श के बाद सहमति जताई है। अब इनकी नियुक्ति से जुड़ी आगे की प्रक्रिया निर्धारित संवैधानिक नियमों के तहत पूरी की जाएगी।

न्यायिक अधिकारियों में रजनीश श्रीवास्तव और बलराम प्रसाद वर्मा शामिल
अधिवक्ताओं के अलावा न्यायिक सेवा से जुड़े दो अधिकारियों को भी हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। इनमें रजनीश श्रीवास्तव और बलराम प्रसाद वर्मा के नाम शामिल हैं। इस तरह प्रस्ताव में कुल छह नाम हैं, जिनमें चार अधिवक्ता और दो न्यायिक अधिकारी हैं। कॉलेजियम के इस फैसले को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में हुआ फैसला
छह नामों पर सहमति 30 अक्टूबर 2026 को आयोजित सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में बनी। कॉलेजियम की ओर से जारी प्रस्ताव में सभी छह नामों का उल्लेख किया गया है। इस निर्णय के बाद अब नियुक्ति से संबंधित अगली संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद संबंधित प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास जाएगा, जहां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद संभालेंगे पद
कॉलेजियम की मंजूरी को नियुक्ति की अंतिम अधिसूचना नहीं माना जा सकता। सिफारिश के बाद केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने के बाद ही संबंधित व्यक्ति छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल सकेंगे। इसलिए फिलहाल इन छह नामों को नियुक्ति के लिए अनुशंसित माना जाएगा। वास्तविक नियुक्ति और पदभार ग्रहण करने की स्थिति सरकारी अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी।

न्यायिक कामकाज और लंबित मामलों की सुनवाई को मिल सकती है गति
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में छह नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश को न्यायिक व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से अलग-अलग मामलों की सुनवाई और अदालत के प्रशासनिक कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है। इससे लंबित मामलों के निपटारे में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव नियुक्तियों के बाद न्यायाधीशों के कार्यभार संभालने और अदालत में उपलब्ध न्यायिक संसाधनों पर निर्भर करेगा।
अब नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मंजूरी के बाद अब सभी की नजरें केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर रहेंगी। चार अधिवक्ताओं और दो न्यायिक अधिकारियों के नामों पर अंतिम नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को छह नए न्यायाधीश मिल सकते हैं। यह फैसला राज्य की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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