Korba Crime : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां महज रास्ता देने के विवाद में कुछ रसूखदार लड़कों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। कोरबा शहर के बुधवारी बाइपास मार्ग पर 7 जून की रात को बोलेरो सवार कुछ युवकों ने जमकर हुड़दंग मचाया। इसी दौरान जांजगीर-चांपा के ग्राम पंतोरा निवासी और ट्रैफिक पुलिस में एएसआई (ASI) रामनारायण रात्रे का 24 वर्षीय बेटा चंद्रमणि रात्रे अपने दोस्तों के साथ कार से गुजर रहा था। दोनों पक्षों के बीच गाड़ी को साइड देने को लेकर बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते एक बड़े और हिंसक विवाद में बदल गई।

खौफनाक वारदात
विवाद के बढ़ने पर चंद्रमणि रात्रे जैसे ही स्थिति को समझने के लिए अपनी कार से नीचे उतरा, वैसे ही बोलेरो के सनकी ड्राइवर ने आव देखा न ताव और गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर सीधे चंद्रमणि के ऊपर चढ़ा दी। बोलेरो की सीधी टक्कर और कुचले जाने की वजह से चंद्रमणि सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गया और उसे बेहद गंभीर चोटें आईं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी गाड़ी लेकर मौके से तेजी से फरार हो गए। इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जो आरोपियों की क्रूरता को साफ बयां कर रहा है।

दोस्तों पर भी टूटा कहर
अपने दोस्त चंद्रमणि को लहूलुहान हालत में देख उसके साथी अरविंद राठौर और साहिल निर्मलकर ने स्कूटी से भाग रहे आरोपियों की बोलेरो का पीछा करना शुरू किया। हालांकि, हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पीछा कर रहे अरविंद को रास्ते में दबोच लिया और जबरन अपनी गाड़ी में खींच लिया। आरोपियों ने अरविंद के साथ चलती गाड़ी में बेरहमी से मारपीट की। जब अरविंद अधमरा हो गया, तो हमलावर उसे मृत समझकर सड़क के किनारे फेंककर रफूचक्कर हो गए। अरविंद का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
लूटपाट की वारदात
पीड़ित परिवार के सदस्यों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने न केवल जानलेवा हमला किया, बल्कि बड़ी लूटपाट को भी अंजाम दिया। हमलावरों ने अरविंद के पास से लगभग एक लाख रुपये की नकदी, एक महंगा आईफोन, सोने की अंगूठी और गले की सोने की चेन जबरन लूट ली। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के तीन दिन बाद पुलिस ने आरोपियों की बोलेरो को लावारिस हालत में बरामद किया था, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
छह दिन बाद तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल चंद्रमणि और अरविंद को तुरंत स्थानीय निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां से चंद्रमणि की नाजुक हालत को देखते हुए उसे रायपुर रेफर कर दिया गया। जिंदगी और मौत के बीच 6 दिनों तक जूझने के बाद आखिरकार चंद्रमणि ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर से इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। चंद्रमणि का अंतिम संस्कार उसके गृह ग्राम पंतोरा में कर दिया गया है, जहां बड़ी संख्या में नम आंखों से लोगों ने उसे विदाई दी।
पुलिसिया कार्रवाई
चंद्रमणि की मौत के बाद सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग उठाई है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी कपिल कुमार सारथी (निवासी कटघोरा) और उसके एक नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और इस पूरे मामले की तफ्तीश अब हत्या, अपहरण और डकैती जैसी गंभीर धाराओं के तहत की जा रही है।











