छत्तीसगढ़ में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रायपुर, बिलासपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग में तेज बारिश, बिजली गिरने और जलभराव की आशंका जताई गई है। अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रायपुर, बिलासपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग में तेज बारिश, बिजली गिरने और जलभराव की आशंका जताई गई है। अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं।

Heavy Rain Warning CG : छत्तीसगढ़ में मानसून इस समय पूरी तरह से सक्रिय है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में राहत की फुहारें पड़ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का सीधा असर छत्तीसगढ़ पर पड़ रहा है। आज 3 जुलाई को भी प्रदेश भर में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। वहीं, मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ चुनिंदा स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है, जिसके चलते आम जनता को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी दो दिनों के लिए मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में स्थित कम दबाव का क्षेत्र अगले पांच दिनों तक छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों को निरंतर बनाए रखेगा। हालांकि, राज्य में अब तक हुई मानसूनी बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 54 प्रतिशत कम रहा है, लेकिन मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में होने वाली यह भारी बारिश मानसूनी घाटे को काफी हद तक कम कर देगी। बस्तर, दुर्ग और सरगुजा संभागों में अब तक अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जो खेती और जलस्तर के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है। जलभराव वाले निचले इलाकों, उफान पर बहने वाले नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की अपील की गई है। इसके अलावा, किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपने कृषि उपकरणों को किसी सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें ताकि बारिश से उन्हें नुकसान न पहुंचे।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अंबिकापुर प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पेंड्रा रोड और राजनांदगांव में सबसे न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे वहां का मौसम काफी खुशनुमा बना हुआ है। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता से किसानों के चेहरों पर मुस्कान है और लोग भीषण गर्मी के बाद इस ठंडे मौसम का आनंद ले रहे हैं। शासन ने आपदा प्रबंधन की टीमों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
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