Chhattisgarh monsoon : छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। विभाग ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मोंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में तेज आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश
बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। गरज-चमक के साथ हुई इन बौछारों ने मौसम को सुहावना बना दिया। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में सुबह की बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्यप्रदेश पर बना कम दबाव क्षेत्र बुधवार सुबह कमजोर हो गया है। हालांकि इसके बावजूद दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास का क्षेत्र अभी भी चक्रवाती घेरे की चपेट में है, जिसके चलते बारिश का सिलसिला जारी है।

बिजली गिरने का खतरा, विभाग ने दी चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और अचानक तेज हवाएं चलने की स्थिति बन सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। मौसम विभाग का कहना है कि कम दबाव क्षेत्र के कमजोर होने के बावजूद चक्रवाती गतिविधियां सक्रिय हैं। इसके चलते प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का दौर बना रहेगा। रायपुर, दुर्ग, धमतरी और राजनांदगांव में गुरुवार शाम तक कई स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है।
बस्तर संभाग में तेज बौछारें संभव
बस्तर संभाग में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। यहां कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन बौछारों के कारण बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में बुधवार सुबह हुई बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। वहीं, दुर्ग, धमतरी और बस्तर क्षेत्र में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से राहत मिली।
चक्रवाती घेरे का असर बरकरार
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में चक्रवाती घेरा सक्रिय है, जिसके कारण लगातार बौछारें पड़ रही हैं। मौसम विभाग ने साफ किया कि फिलहाल मानसून की सक्रियता बनी रहेगी और आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता ने किसानों और आम लोगों को राहत भी दी है और चिंता भी। जहां एक ओर फसलों के लिए बारिश फायदेमंद है, वहीं दूसरी ओर बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग की सलाह मानना ही इस समय सबसे सुरक्षित उपाय है।
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