Prakash Raj: प्रसिद्ध अभिनेता और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने मतदाता सूची से अपना नाम हटाए जाने का दावा करते हुए हैरानी जताई है। उनका कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के बाद बेंगलुरु की मतदाता सूची में उनका नाम नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए और प्रक्रिया पर तंज भी कसा। प्रकाश राज के अनुसार, जिस क्षेत्र में उनका जन्म हुआ, जहां उन्होंने शिक्षा हासिल की और थिएटर में काम किया, उसी क्षेत्र की मतदाता सूची से उनका नाम कथित तौर पर हटा दिया गया।

प्रकाश राज ने कहा- यह कैसा मजाक है?
वीडियो संदेश में प्रकाश राज ने मतदाता सूची से नाम हटने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के बाद बेंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और वह भी कथित तौर पर उन लोगों में शामिल हैं। अभिनेता ने अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनका जन्म इसी निर्वाचन क्षेत्र में हुआ और उनका बचपन तथा शिक्षा का बड़ा हिस्सा भी यहीं बीता है।

बेंगलुरु से चुनाव भी लड़ चुके हैं अभिनेता
प्रकाश राज ने कहा कि उन्होंने बेंगलुरु क्षेत्र में स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई की तथा इसी शहर में थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की थी। इतना ही नहीं, वह बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव भी लड़ चुके हैं। ऐसे में उनका नाम मतदाता सूची से हटने के दावे ने उन्हें और अधिक हैरान किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि लंबे समय से क्षेत्र से जुड़े होने के बावजूद उनका नाम किस आधार पर सूची से बाहर किया गया।
मतदाता सूची प्रक्रिया पर उठाए सवाल
अभिनेता ने अपने वीडियो के माध्यम से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उसमें अपनाई गई कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि यदि लंबे समय से क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति का नाम भी सूची से हट सकता है, तो आम मतदाताओं के सामने किस तरह की परेशानी पैदा हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े मामलों में स्पष्टता की जरूरत पर जोर दिया।
झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से भी नाराज
मतदाता सूची से जुड़े विवाद के बीच प्रकाश राज ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने का दावा किया गया है। वीडियो में आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई दिखाई देने का दावा किया गया। प्रकाश राज ने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे लेकर सवाल उठाए।

प्रकाश राज ने पुलिस कार्रवाई को बताया बर्बरता
प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवालिया अंदाज में पूछा कि आखिर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने अपने पोस्ट में #justasking हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसी कथित बर्बर कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती। अभिनेता ने संकेत दिया कि सत्ता को छात्रों और युवाओं की शिकायतों को सुनना चाहिए तथा लोकतांत्रिक तरीके से उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेराव का किया प्रयास
दरअसल, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रतियोगी अभ्यर्थी झारखंड विधानसभा के आसपास प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में मानव श्रृंखला भी बनाई और विधानसभा की ओर आगे बढ़ने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण होने की बात सामने आई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए किया बल प्रयोग
प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने के प्रयास के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच स्थिति बिगड़ने का दावा किया गया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बताया। वहीं, प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई कार्रवाई के संदर्भ में स्थिति को देखा जा रहा है।
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में JSSC-Combined Graduate Level यानी CGL परीक्षा को रद्द करना शामिल है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितताएं हुई हैं। वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं और इसके लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
JSSC-CGL परीक्षा को लेकर छात्रों के आरोपों ने झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बहस तेज कर दी है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है, तो उसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रही है। दूसरी ओर, पूरे मामले में वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रकाश राज ने छात्रों के मुद्दे पर जताई चिंता
प्रकाश राज की प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई है, जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन चर्चा में है। एक तरफ उन्होंने अपने मतदाता नाम को लेकर सवाल उठाया है, वहीं दूसरी ओर छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है। उनके बयानों ने मतदाता सूची की प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता जैसे मुद्दों को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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