Chhattisgarh PM SETU Scheme : छत्तीसगढ़ में युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए 30 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अपग्रेड किया जाएगा। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत छह क्लस्टरों में करीब 1,446 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक क्लस्टर के लिए लगभग 241 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाकर युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल बनाना है।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में दुर्ग और बस्तर के लिए एमओयू
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। दुर्ग क्लस्टर में भिलाई स्टील प्लांट और बस्तर क्लस्टर में एनएमडीसी लिमिटेड उद्योग भागीदार होंगे। योजना के तहत केंद्र सरकार 50 प्रतिशत, राज्य सरकार 33 प्रतिशत और उद्योग भागीदार 17 प्रतिशत वित्तीय योगदान देंगे।
छह क्लस्टरों में विकसित होंगे आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र
योजना के अंतर्गत दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर में छह हब तथा 24 स्पोक आईटीआई का उन्नयन प्रस्तावित है। प्रत्येक क्लस्टर में एक प्रमुख हब संस्थान होगा, जबकि उससे जुड़े स्पोक संस्थान प्रशिक्षण और संसाधनों का लाभ उठाएंगे। इन संस्थानों में आधुनिक मशीनें, तकनीकी उपकरण और प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।
युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उद्योगों की प्रत्यक्ष भागीदारी से प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकेगा। इससे युवाओं के लिए नौकरी, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर बढ़ेंगे। रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी इस पहल को युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में मंत्री राजेश अग्रवाल सहित विभागीय और औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दुर्ग क्लस्टर में भिलाई स्टील प्लांट बनेगा भागीदार
दुर्ग क्लस्टर में शासकीय आईटीआई दुर्ग को हब संस्थान बनाया जाएगा। इसके साथ भिलाई, महिला आईटीआई भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा के संस्थान स्पोक के रूप में शामिल होंगे। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट इस क्लस्टर का एंकर उद्योग भागीदार होगा। इससे प्रशिक्षण को औद्योगिक जरूरतों के करीब लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बस्तर के युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण
बस्तर क्लस्टर में शासकीय आईटीआई बस्तर हब होगा। जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के आईटीआई इससे जुड़े स्पोक संस्थान होंगे। एनएमडीसी लिमिटेड यहां एंकर भागीदार की भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पहल से जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा स्थानीय और अन्य क्षेत्रों में रोजगार तलाशने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
सरगुजा, कोरबा, रायपुर और रायगढ़ की स्थिति
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भागीदारी की सहमति दी है, जबकि टाटा आईआईएस को परिचालन भागीदार चुना गया है। एमओयू की स्वीकृति और प्रारूप में संशोधन की प्रक्रिया जारी है। कोरबा क्लस्टर में एनटीपीसी कोरबा की सहमति मिल चुकी है और परिचालन भागीदार के चयन की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, रायपुर और रायगढ़ क्लस्टरों के लिए एंकर उद्योग भागीदार चुनने हेतु निविदाएं जारी की गई हैं। रायपुर क्लस्टर में हीरा ग्रुप से जुड़े सवालों का निराकरण हो चुका है, जबकि रायगढ़ के लिए एनटीपीसी लारा से प्रारंभिक चर्चा जारी है।
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