Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ की सियासी तस्वीर अब और गर्मा गई है। पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अमर अग्रवाल को अचानक राजभवन से फोन आया, जिसके बाद वे सीधे राज्यपाल रामेन डेका से मिलने पहुंचे। अमर अग्रवाल राजभवन में करीब एक घंटे 15 मिनट तक रहे और मुलाकात के बाद वहीं से रवाना हो गए। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं।
मीडिया से बातचीत में अमर अग्रवाल ने कहा कि यह मुलाकात 10 दिन पहले ही तय हो गई थी और इसका मंत्रिमंडल विस्तार से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी चर्चाओं और हालिया घटनाक्रम को देखते हुए यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राज्यपाल रामेन डेका से अमर अग्रवाल की ये मुलाकात ऐसे समय हुई है जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मंत्रिमंडल विस्तार के लिए हरी झंडी मिल चुकी है।
मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार शाम को राज्यपाल से मुलाकात की थी। सूत्रों की मानें तो साय कैबिनेट में दो संगठन और एक आरएसएस की पसंद के मंत्री शामिल करने की योजना बना रहे हैं। यह भी संभावना जताई जा रही है कि पुराने मंत्रियों की कुर्सी सुरक्षित रहेगी और नए सदस्यों को सामाजिक-क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। ऐसे में यह उम्मीद जताई जा रही है कि यात्रा से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
बीजेपी संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अनुसार, इस मंत्रिमंडल विस्तार में तीन नए नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। यह जिम्मेदारी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए दी जाएगी। अनुमान है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से चुना जाएगा।
साथ ही, छत्तीसगढ़ के प्रमुख संभागों बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग से एक-एक मंत्री के शामिल होने की संभावना है। यह कदम प्रदेश के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ की सियासत में मंत्रीमंडल विस्तार को लेकर तेजी से हलचल बढ़ रही है। भाजपा के भीतर विभिन्न स्तरों पर इसका सकारात्मक स्वागत किया जा रहा है, क्योंकि यह संगठन की मजबूती और व्यापक जनसमर्थन के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विदेश दौरे के कारण शपथ ग्रहण का कार्यक्रम जल्द ही आयोजित किया जा सकता है। इससे पहले संगठन को भी विस्तार देना जरूरी है ताकि सरकार को मजबूती मिले और आगामी चुनावी परिस्थितियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके। छत्तीसगढ़ की सियासत में अमर अग्रवाल की राजभवन मुलाकात और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की राज्यपाल से हुई बातचीत ने मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को हवा दे दी है। सामाजिक-क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर नए मंत्रियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में यह बदलाव निर्णायक साबित होगा।
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