Liquor Scam Case : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चैतन्य बघेल को रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। चैतन्य की 14 दिन की न्यायिक रिमांड आज खत्म हो गई थी, जिसके बाद उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया गया।

ED ने मांगी 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत से चैतन्य बघेल की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड की मांग की थी ताकि जांच में गहराई से पूछताछ की जा सके। हालांकि कोर्ट में कंडोलेंस होने के कारण स्पेशल कोर्ट ने इस बार एक दिन की रिमांड ही दी है। ED की ओर से इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।

पिछली सुनवाई और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड से जुड़ी पिछली सुनवाई 4 अगस्त को हुई थी, जिसमें कोर्ट ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। इससे पहले चैतन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए चुनौती दी गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया था और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद भूपेश और चैतन्य के वकील हर्षवर्धन परगनिहा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
ED ने चैतन्य बघेल को शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया है। अधिकारियों का दावा है कि चैतन्य को इस घोटाले की रकम से करीब 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। जांच में सामने आया है कि शराब घोटाले से आए ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश कर सफेद किया गया है। ED ने इस संदर्भ में फर्जी निवेश और करीब 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) के भी आरोप लगाए हैं।
चैतन्य के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में घोटाले की रकम
ED की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में शराब घोटाले की राशि निवेश की गई है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर ED ने छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13 से 15 करोड़ रुपए था, जबकि फाइनेंशियल रिकॉर्ड में केवल 7.14 करोड़ रुपए दिखाए गए हैं। इसके अलावा, डिजिटल डिवाइसेस से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ रुपए नकद भुगतान किया था, जिसे रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया।
क्या है अगला कदम?
चैतन्य बघेल की रिमांड खत्म होने के बाद ED ने इस केस में आगे की जांच तेज कर दी है। मंगलवार को होने वाली कोर्ट सुनवाई में ED अपनी और कस्टोडियल रिमांड की मांग फिर से प्रस्तुत करेगा। इस बीच, राजनीतिक गलियारे में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं, क्योंकि यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और प्रवर्तन निदेशालय की जांच का सिलसिला तेज होता जा रहा है। शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के बीच, कोर्ट और ED के बीच सुनवाई का दौर जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है, जो राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर अहम रहेंगे।











