Chhattisgarh rain tragedy : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में भारी बारिश ने कहर बरपा दिया है। रानीदहरा जलप्रपात घूमने पहुंचे पांच पर्यटक लौटते समय तेज बहाव की चपेट में आ गए। घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य अब भी लापता है। तीन लोगों को स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया है। पर से गुजर रहे पर्यटक बह गए। घटना के बाद रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया और लापता युवक की तलाश जारी है।
भारी बारिश से बलोद जिले के दल्ली राजहरा इलाके में भी हालात बिगड़ गए हैं। तेज बहाव वाले नाले में एक गाय बह गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वहीं, दल्ली राजहरा से अंतागढ़ के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से रेल सेवा प्रभावित हुई है। रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनज़र ट्रेनों की आवाजाही फिलहाल रोक दी है। जलस्तर कम होते ही ट्रैक की मरम्मत और सफाई का कार्य शुरू किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने सोमवार को सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और बस्तर समेत लगभग सभी जिलों में तेज बारिश की संभावना है। विशेष रूप से बस्तर संभाग के लिए अगले 5 दिनों तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे नदियों, झीलों और जलप्रपात जैसे स्थानों से दूर रहें।
राजधानी रायपुर में शनिवार शाम बिजली गिरने की एक दुखद घटना सामने आई है। खम्हारडीह थाना क्षेत्र के भावना नगर में छत पर बैठे तीन युवक अचानक आसमानी बिजली की चपेट में आ गए। इनमें से एक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हैं और इलाज जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तीनों युवक मोबाइल पर गेम खेल रहे थे जब यह हादसा हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों की हालत स्थिर है लेकिन निगरानी में रखा गया है।
1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में औसतन 437.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिलेवार आंकड़ों की बात करें तो:
बलरामपुर जिले में सबसे ज्यादा 738.9 मिमी वर्षा हुई है।
इसके विपरीत, बेमेतरा में केवल 236.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश में सबसे कम है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश में वर्षा वितरण असमान है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बाढ़ और कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं।
बीते 24 घंटों में तापमान की बात करें तो:
बिलासपुर में सबसे अधिक 32.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
वहीं दुर्ग और राजनांदगांव में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
तेज बारिश के कारण दिन के समय उमस बनी हुई है जबकि रातें कुछ हद तक ठंडी और राहतभरी हो रही हैं।
प्रशासन की अपील
बारिश के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे जलप्रपात, पुल, नदियों या तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी कर सभी ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों को सतर्क रहने को कहा है। स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को भी सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में मानसून ने इस बार शुरुआत से ही तेवर दिखा दिए हैं। प्राकृतिक जल स्रोतों का रुख करने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है। प्रशासनिक चेतावनियों का पालन करते हुए ही हम जान-माल के नुकसान से बच सकते हैं।
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