Chhattisgarh weather alert: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां आकाशीय बिजली गिरने की घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य लोग झुलस गए हैं। झुलसने वालों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। घटना सोमवार को ओड़गी थाना क्षेत्र के पालकेवरा ग्राम पंचायत की है, जहां लोग सरकारी योजना से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने पहुंचे थे।

सरकारी काम के दौरान गिरी बिजली
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित लोग महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि में कटौती को लेकर शिकायत दर्ज कराने ग्राम पंचायत सचिव के पास पहुंचे थे। सचिव से मोबाइल नंबर और अन्य दस्तावेज अपडेट कराए जा रहे थे। सभी लोग पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरी और यह हादसा हो गया।

इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को कोरिया जिले के सोनहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चार लोगों का इलाज चल रहा है। दोनों झुलसे बच्चों को भी यहीं एडमिट किया गया है।
मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट
इस दर्दनाक हादसे के बाद मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की है। मंगलवार को छत्तीसगढ़ के कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा को छोड़कर बाकी सभी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 17 सितंबर से ऐसी मौसमी गतिविधियों में कमी आएगी, लेकिन फिलहाल लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और ऊंचे इलाकों में खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में हो रही हल्की से मध्यम बारिश
इस बीच, प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। सोमवार दोपहर रायपुर और रायगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के भीतर भी अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अब तक सबसे अधिक बारिश बलरामपुर जिले में, जबकि सबसे कम बारिश बेमेतरा जिले में दर्ज की गई है।
सूरजपुर की यह घटना एक बार फिर बताती है कि बदलते मौसम में सतर्कता बेहद जरूरी है। ग्रामीण इलाकों में पेड़ों के नीचे खड़े रहना या खुले में मोबाइल फोन का उपयोग करना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को चाहिए कि वे ऐसी परिस्थितियों में आम जनता को जागरूक करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन सुनिश्चित करवाएं।










