CG Weather Today : छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र के अनुसार, दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। इस मौसम प्रणाली का असर छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर से दिखाई दे सकता है। इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।
24 से 26 अक्टूबर तक शुष्क रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दिन किसी विशेष मौसमी चेतावनी का अनुमान नहीं है। 25 और 26 अक्टूबर को भी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने तथा मौसम सामान्यतः शुष्क बने रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में इन तीन दिनों के दौरान लोगों को बारिश से राहत मिल सकती है। हालांकि, तापमान और स्थानीय परिस्थितियों में बदलाव संभव है।
27 अक्टूबर से बारिश और तेज हवाओं की संभावना
IMD के अनुसार, 27 अक्टूबर से प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान एक-दो जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम में इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।
28 और 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। 29 अक्टूबर को भी कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को संभावित मौसम परिवर्तन को ध्यान में रखकर तैयारी करने की जरूरत है।
बंगाल की खाड़ी में कैसे विकसित हो रहा चक्रवाती सिस्टम?
IMD के मुताबिक, 23 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना था। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके 24 अक्टूबर तक अवदाब, 25 अक्टूबर तक गहन अवदाब और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई गई है। इसके बाद सिस्टम उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ सकता है।
रायपुर में 33 डिग्री तापमान, अंबिकापुर सबसे ठंडा
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। रायपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 13.9 डिग्री रहा। रायपुर का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री, जगदलपुर में 32.5 डिग्री और दुर्ग में 30.8 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट संभव है।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में रहने की सलाह दी है। पेड़ों के नीचे खड़े होने, बिजली की लाइनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के पास रहने से बचें। किसानों को मंडियों और खेतों में खुले में रखी उपज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था करनी चाहिए। बारिश और तेज हवाओं को लेकर IMD के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
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