Surajpur News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से प्रशासनिक कार्रवाई की बड़ी खबर सामने आई है। बिहारपुर क्षेत्र में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को गंभीर लापरवाही और शासकीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सरगुजा संभाग के संभागायुक्त कार्यालय, अम्बिकापुर की ओर से की गई है। जारी आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारी का आचरण शासकीय सेवा नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
प्रभारी तहसीलदार के निलंबन का फैसला सूरजपुर कलेक्टर की ओर से भेजे गए जांच प्रतिवेदन के आधार पर लिया गया है। प्रतिवेदन में करमचंद जाटवर की कार्यप्रणाली और उनके पदीय दायित्वों के निर्वहन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। रिपोर्ट में बताया गया कि 17 अक्टूबर 2026 को ग्राम कुबेरपुर में ट्रैक्टर दुर्घटना हुई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल सक्रियता और जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा थी।

ट्रैक्टर हादसे के बाद बिगड़ गई थी कानून व्यवस्था की स्थिति
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, ग्राम कुबेरपुर में ट्रैक्टर दुर्घटना के बाद इलाके में कानून एवं शांति व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील स्थिति पैदा हो गई थी। ऐसे समय में स्थानीय प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। आरोप है कि प्रभारी तहसीलदार ने परिस्थिति को संभालने और अपने प्रशासनिक दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई।रिपोर्ट में उनके इस रवैये को कर्तव्यों के प्रति गंभीर उदासीनता और घोर लापरवाही माना गया है। प्रशासनिक व्यवस्था में तहसील स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है कि किसी अप्रिय घटना के बाद क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। इसी संदर्भ में संबंधित अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए गए।

सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप
संभागायुक्त कार्यालय के आदेश में कहा गया है कि करमचंद जाटवर का कथित आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत है। शासकीय सेवक से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने पद से जुड़े दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, निष्पक्षता और तत्परता के साथ करे। आदेश में संबंधित अधिकारी के व्यवहार को गंभीर कदाचार की श्रेणी में माना गया है।


नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन
मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए संभागायुक्त ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इस दौरान करमचंद जाटवर का मुख्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अम्बिकापुर, जिला सरगुजा निर्धारित किया गया है।
निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
निलंबन आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें निर्धारित मुख्यालय में रहकर लागू सेवा नियमों का पालन करना होगा। आदेश की प्रतियां राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव सहित सूरजपुर और अन्य संबंधित जिलों के कलेक्टरों, अनुविभागीय अधिकारियों तथा कोषालय अधिकारी को भेजी गई हैं।
प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त संदेश
इस कार्रवाई को प्रशासनिक जिम्मेदारियों में लापरवाही के मामलों पर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। ग्राम कुबेरपुर में हुई दुर्घटना के बाद कानून व्यवस्था संभालने में कथित चूक को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर अनुशासनात्मक कदम उठाया है। अब आगे की विभागीय प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।


