Chhattisgarh Mausam
Chhattisgarh Mausam : छत्तीसगढ़ के मौसम में वर्तमान में एक स्थिरता देखने को मिल रही है। उत्तर भारत में जहाँ बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने वाला है, वहीं छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम के तेवर नरम बने हुए हैं। मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के निवासियों को अगले एक सप्ताह तक किसी बड़े मौसमी बदलाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रहेगी और सुबह-शाम की हल्की ठंडक का अहसास बरकरार रहेगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र के अनुसार, छत्तीसगढ़ में इस समय कोई भी प्रभावी मौसमी सिस्टम (जैसे चक्रवाती परिसंचरण या पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय नहीं है। इसी कारण पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह से शुष्क बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के किसी भी जिले में वर्षा की कोई गतिविधि दर्ज नहीं की गई है और वर्षा का आंकड़ा ‘निरंक’ रहा है। आने वाले सात दिनों तक भी इसी तरह की शुष्क स्थिति बने रहने की प्रबल संभावना है।
राज्य में इस समय तापमान का एक मिश्रित स्वरूप देखने को मिल रहा है। अगले एक सप्ताह तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की उम्मीद नहीं है। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान राजधानी रायपुर में 32.9°C दर्ज किया गया है, जो दिन के समय हल्की गर्मी का संकेत देता है। इसके विपरीत, न्यूनतम तापमान की बात करें तो अंबिकापुर में पारा 9.8°C तक गिर गया है, जिससे वहां रातें काफी ठंडी बनी हुई हैं। मैदानी इलाकों में दिन का तापमान 30 से 33 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में 16 फरवरी को मौसम थोड़ा अलग रह सकता है। स्थानीय मौसम केंद्र के मुताबिक, रायपुर में सुबह के समय हल्की धुंध (Mist) छाए रहने की संभावना है। इस धुंध के कारण सुबह के समय दृश्यता (Visibility) थोड़ी प्रभावित हो सकती है, इसलिए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। रायपुर में आज अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 19°C के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन में हल्की उमस महसूस हो सकती है।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के ऊपर कोई ‘साइनोप्टिक सिस्टम’ या हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र सक्रिय नहीं है। यही कारण है कि विभाग ने किसी भी प्रकार की गंभीर चेतावनी या ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी नहीं किया है। अगले दो से तीन दिनों के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रहेगी। बस्तर से लेकर सरगुजा तक मौसम के इसी तरह स्थिर रहने की उम्मीद है, जिससे खेती-किसानी के कार्यों में कोई बाधा आने की संभावना नहीं है।
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