Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज अब तेजी से बदलने लगा है, जिससे कड़कड़ाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी से परेशान लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रायपुर मौसम केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर प्रदेश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के कदम आगे बढ़ाने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बन चुकी हैं। मानसून के इस आगमन की वजह से राज्य में अगले पांच दिनों तक तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में आम जनता के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए इस दौरान बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है।

मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए तेजी से आगे की तरफ बढ़ चुका है। इन पड़ोसी राज्यों से होते हुए अब यह छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करने के लिए बिल्कुल तैयार है। यही मुख्य वजह है कि प्रदेश के आसमान में बादलों की आवाजाही और सक्रियता अचानक काफी बढ़ गई है। राज्य के कई जिलों में हल्की से लेकर मध्यम स्तर की मानसूनी बौछारें दर्ज की जा चुकी हैं। ‘सीजी वेदर टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में यह मौसमी बदलाव और भी ज्यादा आक्रामक रूप ले सकता है।

आगामी पांच दिनों तक आंधी-तूफान का तांडव
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का दौर अनवरत जारी रहेगा। जहां बीते दिन कुछ चुनिंदा स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से धूलभरी आंधियां चलीं, वहीं आज 13 जून से लेकर आगामी 16 जून तक राज्य के कई मैदानी और जंगली इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है। इस दौरान बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) होने की भी भारी आशंका है, जिससे जनधन की हानि हो सकती है।
अधिकतम तापमान में दर्ज होगी भारी गिरावट
मौसम विभाग की इस ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी गतिविधियों के कारण अगले दो दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, वर्तमान आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में सबसे उच्चतम तापमान राजनांदगांव जिले में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि राजधानी रायपुर में रात का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। आने वाले समय में बारिश का दायरा और बढ़ने से लोगों को इस चुभती हुई उमस और भीषण गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
खराब मौसम को लेकर रायपुर मौसम केंद्र की गाइडलाइन
रायपुर मौसम केंद्र ने खराब मौसम और आसमानी बिजली के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेशवासियों के लिए एक जरूरी गाइडलाइन जारी की है। मौसम विभाग ने अपील की है कि जब भी आसमान में बिजली कड़के या आंधी चले, तो भूलकर भी बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मर से उचित दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही, बहुत जरूरी न होने पर इस दौरान अपनी यात्राओं को टाल दें। कृषि वैज्ञानिकों और मौसम विभाग ने किसानों को भी कड़े निर्देश दिए हैं कि वे मंडी या खेतों में रखी अपनी कटी हुई फसलों और कृषि उपकरणों को तिरपाल से ढककर किसी सुरक्षित व सूखे स्थान पर पहुंचा दें, ताकि नुकसान से बचा जा सके।

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