Chhattisgarh Weather
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ में मार्च का महीना शुरू होते ही सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पारा सामान्य से लगभग 6 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच चुका है, जिससे लोग समय से पहले ही चिलचिलाती धूप और उमस का सामना कर रहे हैं। हालांकि, इसी बीच मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर के साथ-साथ चेतावनी भी जारी की है। अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की प्रबल संभावना है। विभाग का कहना है कि भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को जल्द ही बादलों की आवाजाही और हल्की बौछारों से कुछ राहत मिल सकती है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की गई, जहाँ तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा। वहीं दूसरी ओर, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तापमान का यह बड़ा अंतर आने वाले दिनों में और भी स्पष्ट हो सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों में प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है, जिससे पारा तेजी से नीचे गिरेगा।
मौसम विभाग ने आज यानी 15 मार्च को दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ विशिष्ट इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की है। आगामी दो दिनों के लिए मौसम विभाग की ओर से ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) भी जारी किया गया है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार काफी तेज रहने वाली है, जो 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण आंतरिक ओडिशा तक एक ‘ट्रफ’ (कम दबाव वाली रेखा) सक्रिय है। यह रेखा छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रही है और समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह वायुमंडलीय सिस्टम हवा से नमी को खींचने का काम करता है। जब उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाएं और दक्षिण से आने वाली नमी युक्त गर्म हवाएं इस ट्रफ लाइन पर आपस में टकराती हैं, तो बादलों का निर्माण होता है। इसी कारण से कड़ी धूप के बीच अचानक ‘लोकल सिस्टम’ विकसित होता है और गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनती है।
आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के बस्तर, दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ हिस्सों में छिटपुट वर्षा होने के आसार हैं। यह मौसमी बदलाव भले ही तापमान को कम कर दे, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से जान-माल के नुकसान का खतरा भी बना रहता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें। फिलहाल, यह मौसमी अस्थिरता अगले 48 से 72 घंटों तक जारी रह सकती है, जिसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने और फिर से गर्मी बढ़ने का अनुमान है।
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