Chhattisgarh Weather
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ के मौसम में इन दिनों बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में शुक्रवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह से हो रही रुक-रुक कर बारिश और आसमान में उमड़ते काले बादलों ने भीषण गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिससे वातावरण में नमी बढ़ी है। हालांकि, मौसम विभाग के ताजा अनुमान बताते हैं कि आने वाले दिन प्रदेशवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी चार दिनों तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। विभाग ने संभावना जताई है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे धूप की तपिश कुछ कम महसूस होगी। हालांकि, यह प्री-मानसून गतिविधि स्थानीय प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण हो रही है, जो अल्पकालिक राहत प्रदान करेगी। इस अवधि में ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है, जिसे लेकर किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
एक तरफ जहां बारिश से कुछ राहत मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने भीषण गर्मी का अलर्ट भी जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 17 मई से मध्य छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में हीटवेव (लू) चलने की प्रबल संभावना है। पश्चिमी हवाओं के प्रभाव और आसमान साफ होने के कारण अगले 5 दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों में लू का असर ज्यादा रहने की उम्मीद है, जिससे दोपहर के समय लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
प्रदेश में वर्तमान में तापमान की स्थिति काफी विविध बनी हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव जिला सबसे अधिक तपा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। इसके विपरीत, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह भौगोलिक भिन्नता दर्शाती है कि जहां मैदानी इलाके लू की चपेट में आने को तैयार हैं, वहीं पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में रात के समय अभी भी कुछ ठंडक बनी हुई है।
शुक्रवार के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी (Yellow Alert) जारी की है। विभाग का कहना है कि आज प्रदेश के कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं (अंधड़) चल सकती हैं। मौसम के इस आक्रामक रुख के कारण पेड़ गिरने या बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेज हवाओं के साथ कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में वज्रपात (बजली गिरना) भी हो सकता है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।
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