Fuel Price Hike
Fuel Price Hike : देश में एक बार फिर महंगाई का जोर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के महत्वपूर्ण विदेश दौरे पर रवाना हुए हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता को ईंधन और दूध की बढ़ती कीमतों का तगड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ ही डेयरी दिग्गजों ने भी दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। इस दोहरी मार ने विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है, जिससे देश का सियासी पारा गरमा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे और ईंधन की कीमतों में वृद्धि को जोड़ते हुए कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि मोदी जी के विदेश जाते ही देश की जनता को महंगाई का ‘तोहफा’ मिला है। प्रतापगढ़ी ने चुनावी समय की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर अभी भी चुनाव चल रहे होते, तो शायद सरकार कीमतें बढ़ाने की हिम्मत नहीं करती। उनका संकेत साफ था कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर आर्थिक बोझ डाल दिया गया है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह एक दुखद लेकिन पूर्व-अनुमानित घटनाक्रम है। ओ’ब्रायन के अनुसार, “पहले वे आपका वोट लूटते हैं, और फिर उसी जगह चोट पहुंचाते हैं जहां सबसे ज्यादा दर्द होता है।” उन्होंने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में वैट (VAT) कटौती के सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी और केंद्र द्वारा नियंत्रित फंड नीतियों पर सवाल खड़े किए। उनका तर्क था कि केंद्र सरकार को राज्यों की चिंता करने के बजाय बढ़ती कीमतों पर लगाम लगानी चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने रुपये की गिरती कीमत और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा कि रुपया, डीजल और पेट्रोल में से सबसे पहले कौन ‘शतक’ (100 का आंकड़ा) पूरा करेगा? मुंबई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां की ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ पहले ही शतक लगा चुकी है। उन्होंने गिरते रुपये को देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने महंगाई के इस दौर में जनता को अपने अंदाज में संदेश दिया। बढ़ती कीमतों पर सीधा हमला करने के बजाय उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतीकात्मक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, “अगर आगे बढ़ना है, तो साइकिल ही एकमात्र विकल्प है।” उनके इस बयान को पेट्रोल-डीजल की निर्भरता कम करने और महंगाई के खिलाफ उनके राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह (साइकिल) के प्रचार के रूप में देखा जा रहा है।
ईंधन के साथ-साथ आम आदमी की थाली पर भी महंगाई का असर पड़ा है। देश की दो सबसे बड़ी डेयरी कंपनियों, अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। बुधवार से लागू हुई इन नई कीमतों ने घरों के बजट को पूरी तरह हिला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवहन लागत (डीजल) बढ़ने और चारे की बढ़ती कीमतों के कारण डेयरी उत्पादों के दाम बढ़े हैं। इस चौतरफा महंगाई ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
Read More: Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ मौसम विभाग की बड़ी भविष्यवाणी, इस दिन से लू छुड़ाएगी सबके पसीने
Stock Market Rally : भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन यानी शुक्रवार…
Viral Video : आज के आधुनिक दौर में सोशल मीडिया हमारे जीवन का एक अभिन्न…
New Mexico Plane Crash : संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य से एक हृदयविदारक…
Sarguja School Teacher : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली…
Trump Xi Meeting : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा अमेरिका को एक 'पतनशील राष्ट्र'…
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ के मौसम में इन दिनों बड़े बदलाव देखने को मिल रहे…
This website uses cookies.