China Earthquake: चीन के मध्य हिस्से में स्थित किंघाई प्रांत में बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 दर्ज की गई। अचानक आए इन झटकों के कारण आसपास के इलाकों में लोगों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, फिलहाल भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
सुबह 5:36 बजे आया भूकंप
USGS के अनुसार, भूकंप के झटके बुधवार सुबह करीब 5:36 बजे स्थानीय समय पर महसूस किए गए। सुबह के समय आए इस भूकंप ने लोगों को अचानक सतर्क कर दिया। हालांकि भूकंप के बाद अब तक किसी बड़े हादसे की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
पर्वतीय और ग्रामीण इलाके में था भूकंप का केंद्र
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र एक पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित था। इसका केंद्र डुनहुआंग शहर से लगभग 269 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में बताया गया है। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भूकंप के झटकों का प्रभाव आसपास के ग्रामीण और पर्वतीय इलाकों में महसूस किया जाना संभव है।
जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था केंद्र
USGS के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था। भूकंप की गहराई को अपेक्षाकृत कम माना जाता है। सामान्य तौर पर कम गहराई पर आने वाले भूकंप के झटके सतह पर अधिक स्पष्ट रूप से महसूस हो सकते हैं। यही वजह है कि 5.9 तीव्रता वाले इस भूकंप के झटकों को आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए जाने की संभावना रही।
फिलहाल बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं
भूकंप के बाद प्रशासन की ओर से इलाके की निगरानी की जा रही है। शुरुआती जानकारी में किसी बड़े भवन के क्षतिग्रस्त होने या बड़े स्तर पर जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि भूकंप के तुरंत बाद नुकसान का पूरा आकलन करना मुश्किल होता है। इसलिए स्थानीय अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और किसी भी संभावित नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र होने से राहत कार्य में चुनौती
भूकंप का केंद्र जिस इलाके में बताया गया है, वह पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्र है। ऐसे स्थानों पर भौगोलिक परिस्थितियां राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावित कर सकती हैं। प्रशासन की टीमें संभावित नुकसान वाले क्षेत्रों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। यदि किसी इलाके में सड़क या अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा होगा, तो वहां तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
लोगों के बीच बनी रही भूकंप के बाद चिंता
तेज झटकों के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में चिंता देखी गई। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी भूकंप के बाद प्रशासन की ओर से सतर्कता बढ़ाई गई है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में संभावित आफ्टरशॉक्स की स्थिति पर भी नजर रखी जा सकती है। लोगों से स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किसी भी सुरक्षा निर्देश का पालन करने की उम्मीद है।
प्रशासन और एजेंसियां लगातार कर रहीं निगरानी
फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। शुरुआती आकलन के बाद ही भूकंप से हुए वास्तविक नुकसान की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। अधिकारियों की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों की जांच करना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाना है। फिलहाल राहत की बात यह है कि बड़े नुकसान या जनहानि की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
कम गहराई के भूकंप में क्यों महसूस होते हैं तेज झटके
भूकंप की तीव्रता के अलावा उसकी गहराई भी उसके प्रभाव को निर्धारित करने वाला महत्वपूर्ण कारक होती है। जब भूकंप का केंद्र जमीन के अपेक्षाकृत करीब होता है, तो ऊर्जा सतह तक कम दूरी तय करके पहुंचती है। ऐसे में आसपास के क्षेत्रों में झटके अधिक स्पष्ट महसूस किए जा सकते हैं। किंघाई में आया 5.9 तीव्रता का भूकंप भी लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया है, इसलिए इसके झटके महसूस होना स्वाभाविक है।
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